US Green Card Rules Change: अब अमेरिका में रहकर PR लेना होगा मुश्किल, भारतीयों पर बड़ा असर
punjabkesari.in Saturday, May 23, 2026 - 07:41 AM (IST)
US Green Card Rules: अमेरिका में परमानेंट रेजिडेंसी यानी ग्रीन कार्ड का सपना देख रहे हजारों भारतीयों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। ट्रंप प्रशासन ने इमिग्रेशन नियमों में अहम बदलाव करते हुए साफ किया है कि अब ज्यादातर विदेशी नागरिक अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएंगे। उन्हें आवेदन के दौरान अपने देश वापस लौटना होगा।
अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी USCIS द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जो लोग फिलहाल स्टूडेंट वीज़ा, H-1B वर्क वीज़ा या टूरिस्ट वीज़ा पर अमेरिका में रह रहे हैं और ग्रीन कार्ड लेना चाहते हैं, उन्हें सामान्य परिस्थितियों में अपने देश से ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अब तक कई लोग अमेरिका में रहते हुए Adjustment of Status प्रक्रिया के जरिए अस्थायी वीज़ा से सीधे परमानेंट रेजिडेंसी की ओर बढ़ जाते थे। लेकिन नए नियमों में इस सुविधा को बेहद सीमित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि अमेरिका के अंदर स्टेटस बदलने की अनुमति केवल विशेष परिस्थितियों में ही दी जाएगी और हर मामले की अलग से जांच होगी।
USCIS के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इमिग्रेशन सिस्टम को सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है। सरकार का मानना है कि कई लोग अस्थायी वीज़ा लेकर अमेरिका आते हैं लेकिन बाद में स्थायी रूप से वहीं बसने की कोशिश करते हैं, जिससे वीज़ा सिस्टम का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है।

भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर ज्यादा असर
नई नीति से सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर पड़ने की संभावना है। बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक H-1B वीज़ा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और लंबे समय से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। अब उन्हें आवेदन प्रक्रिया के दौरान भारत लौटना पड़ सकता है, जिससे नौकरी, परिवार और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी कहा कि विदेशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों के जरिए green card process पूरी कराने से USCIS के संसाधनों पर दबाव कम होगा। इससे एजेंसी नागरिकता आवेदन, अपराध पीड़ितों के वीज़ा और मानव तस्करी से जुड़े मामलों पर ज्यादा ध्यान दे सकेगी। सरकार का दावा है कि इस फैसले से वीज़ा ओवरस्टे के मामलों में कमी आएगी और जिन लोगों की रेजिडेंसी एप्लीकेशन खारिज हो जाती है, उनके अवैध रूप से अमेरिका में रुकने की संभावना भी घटेगी।
2024 में 49,700 भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल की
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में लगभग 49,700 भारतीय मूल के लोगों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल की। भारतीय नागरिक अमेरिका में नागरिकता पाने वाले दूसरे सबसे बड़े समूह रहे। इमिग्रेशन एक्सपर्ट का मानना है कि अगर यह नीति पूरी तरह लागू होती है तो भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, छात्रों और उनके परिवारों के लिए ग्रीन कार्ड की राह पहले से ज्यादा कठिन हो सकती है।
