ईरान-अमेरिका टकराव चरम परः US के जवाबी हमले में 2 वर्षीय बच्चे व दम्पति की मौत, जॉर्डन ने मार गिराईं 5 मिसाइलें
punjabkesari.in Thursday, Jul 30, 2026 - 11:21 AM (IST)
International Desk: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। जॉर्डन की सेना ने गुरुवार तड़के ईरान से दागी गई पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम से हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के 12 से अधिक सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। जॉर्डन की सेना के प्रवक्ता के अनुसार, सैन्य रडार ने समय रहते ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगा लिया था। एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी पांच मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। इससे संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के जवाब में ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स तथा तटीय रक्षा प्रतिष्ठान शामिल थे। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ घंटे बाद हुई, जिसमें उन्होंने ईरान पर "बहुत कड़ा प्रहार" करने की चेतावनी दी थी। ईरानी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य स्थित केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमले में एक दंपती और उनके 2 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। परिवार के 7 और 9 साल के दो अन्य बच्चे घायल हुए हैं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने कुछ स्थानों पर केवल घायलों की पुष्टि की है। स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
कुवैत और बहरीन निशाने पर
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान समर्थक समूहों के बीच कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों की मांग तेज हो गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान पर दागी गई कुछ मिसाइलें कुवैत से छोड़ी गई थीं, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे के अनुसार, मिस्र के दमियाता बंदरगाह पर ड्रोन हमले में प्राकृतिक गैस ले जा रहे दो जहाजों में आग लग गई। इनमें एक अमेरिकी स्वामित्व वाला फ्लोटिंग स्टोरेज प्लेटफॉर्म और एक यूनानी टैंकर शामिल है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और हमले की जिम्मेदारी भी स्पष्ट नहीं हुई है।
सऊदी अरब भी अलर्ट पर
सऊदी अरब ने पिछले दो दिनों में अपने तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों के लिए इराक स्थित ईरान समर्थित मिलिशिया को जिम्मेदार ठहराया है। इसी बीच सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान ने वॉशिंगटन में राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। कई दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद एक साथ कई मोर्चों पर बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जवाबी हमलों का सिलसिला जारी रहा तो संघर्ष का दायरा और बढ़ सकता है।
