US : कैलिफोर्निया में सोलो हाइकिंग पर गए भारतीय मूल के PhD छात्र की मौ'त, दो दिन बाद बरामद हुआ श'व
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 10:39 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्क: कैलिफोर्निया के पूर्वी सिएरा नेवादा में सोलो हाइकिंग (अकेले ट्रैकिंग) के दौरान लापता हुए भारतीय मूल के एक शोध छात्र का शव बरामद किया गया है। मृतक छात्र की पहचान विक्रम मुबांई (Vikram Mubayi) के रूप में हुई है, जो यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सेंटा बारबरा (UCSB) के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में पीएचडी (PhD) के छात्र थे। विक्रम सप्ताहांत पर बिग पाइन लेक्स क्षेत्र में अकेले हाइकिंग के लिए गए थे। निर्धारित समय पर वापस न लौटने और परिवार से संपर्क टूटने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने उनकी खोज के लिए एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया था।
3 अगस्त को मिला शव, साजिश की आशंका नहीं
अधिकारियों को 3 अगस्त को बिग पाइन लेक्स क्षेत्र से विक्रम का शव मिला। वे पानी में कैसे पहुंचे, इस बारे में आधिकारिक तौर पर अभी तक कोई विवरण साझा नहीं किया गया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, शुरुआती तौर पर इस घटना में किसी भी तरह की साजिश या गड़बड़ी की आशंका नजर नहीं आ रही है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है।
आखिरी बातचीत में भेजे थे जीपीएस कोऑर्डिनेट
विक्रम के भाई/बहन द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर की गई एक पोस्ट के अनुसार, विक्रम ने आखिरी बार 1 अगस्त की रात लगभग 8:30 बजे अपने परिवार से बात की थी। इस बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी जीपीएस लोकेशन (GPS Coordinates) भी साझा की थी, जिसके बाद से परिवार का उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया। जब वे तय समय पर वापस नहीं लौटे, तो परिवार ने इन्यो काउंटी शेरिफ कार्यालय (Inyo County Sheriff's Office) में उनके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद इन्यो काउंटी सर्च एंड रेस्क्यू के स्वयंसेवकों ने उनकी तलाश शुरू की।
पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों पर कर रहे थे शोध
विक्रम मुबांई ने साल 2022 में यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस अर्बाना-शैंपेन से केमिकल इंजीनियरिंग में बैचलर्स की डिग्री हासिल की थी, जिसके बाद वे सेंटा बारबरा से अपनी पीएचडी पूरी कर रहे थे। वे एक मेधावी छात्र थे और उनका अकादमिक काम पर्यावरण के अनुकूल सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी (सतत तकनीकों) पर केंद्रित था। अपनी रिसर्च में वे ऐसे बैक्टीरिया और जैविक प्रक्रियाओं पर काम कर रहे थे जो पौधों के कचरे और प्लास्टिक को नष्ट कर पेट्रोलियम-आधारित सामग्रियों के अनुकूल विकल्प तैयार कर सकें। इसके अलावा, उन्होंने विश्वविद्यालय में टीचिंग असिस्टेंट के रूप में भी अपनी सेवाएं दी थीं।
बेहद अनुभवी हाइकर थे विक्रम
हांगकांग में जन्मे और पले-बढ़े विक्रम खेलों के शौकीन थे और उन्हें प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद था। उन्हें एक "काफी अनुभवी हाइकर" माना जाता था। विक्रम की तलाश के दौरान उनके परिवार ने सोशल मीडिया पर उनके हाइकिंग रूट की जानकारी भी साझा की थी ताकि रास्ते में उनसे मिलने वाले किसी व्यक्ति से कोई सुराग मिल सके। फिलहाल, स्थानीय अधिकारियों ने उनकी मृत्यु की परिस्थितियों को लेकर और अधिक जानकारी साझा नहीं की है।
