UPI Payment Charges: क्या अब UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज? जानें आम जनता और दुकानदारों पर क्या होगा असर
punjabkesari.in Friday, Jul 17, 2026 - 10:58 AM (IST)
UPI Payment Charges: UPI पेमेंट ने आज के इस समय में पैसों के भुगतान करने को काफी आसान बना दिया है। इससे अब कैश पेमेंट करना काफी आसान हो गया है। अब डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए सरकार एक बार फिर UPI पर Merchant Discount Rate (MDR) यानी शुल्क लगाने पर विचार कर रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस नए नियम का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और छोटे दुकानदारों पर नहीं पड़ेगा।
किन पर लगेगा ये नया चार्ज?
जानकारी के लिए बता दें कि MDR वह फीस होती है जो कोई भी मर्चेंट (दुकानदार) डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के बदले बैंकों को देता है। सरकार द्वारा जनवरी 2020 में डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए UPI को फ्री कर दिया था। लेकिन अब बैंकों और फिनटेक कंपनियों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर बढ़ते खर्च को देखते हुए इस शुल्क को दोबारा लागू करने की सिफारिश की जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह चार्ज केवल बड़े व्यापारियों पर ही लगाया जाएगा। यह नियम उनपर लागू होगा जिनका सालाना कमाई 1 से 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह शुल्क 2,000 रुपए से ज्यादा के लेन- देन पर ही लगाया जाएगा। पार्लियामेंट्री कमेटी और पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने इन बड़े ट्रांजैक्शंस पर करीब 0.30% तक का शुल्क लगाने की मांग की है।
छोटे दुकानदारों पर क्या असर होगा?
देश के लगभग 90% छोटे और मध्यम व्यापारी इस दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे। इसका मतलब है कि गली-मोहल्ले के किराना स्टोर, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे कारोबारियों को UPI पेमेंट्स लेने के लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा।
क्या आम जनता की जेब ढीली होगी
इस बदलाव का असर आम जनता पर नहीं होगा। यानि की उनका इससे कोई संबंध नहीं है। आप पहले की तरह ही बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के Google Pay, PhonePe या Paytm जैसे ऐप्स के जरिए फ्री में पैसे ट्रांसफर और शॉपिंग कर सकेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों के अनुभव को प्रभावित किए बिना पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।
