लंदन में 15 साल की सिख लड़की को पाकिस्तानी ने किडनैप कर फ्लैट में किया बंद, 5-6 लोगों ने कई दिनों तक किया गैंगरेप
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 02:38 PM (IST)
लंदन: ब्रिटेन की राजधानी लंदन के पश्चिमी इलाके हाउंसलो में एक 15 साल की सिख लड़की के साथ हुई गंभीर घटना ने पूरे समुदाय को झकझोर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लड़की का अपहरण कर उसे एक फ्लैट में बंद रखा गया, जहां 5-6 आरोपियों ने कई दिनों तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना 12-13 जनवरी के बीच हुई। बताया गया है कि लड़की को धोखे से फंसाकर पकड़ा गया और फिर 34 वर्षीय पाकिस्तानी मूल के एक व्यक्ति के फ्लैट में बंद किया गया। आरोपी के साथ कई अन्य लोग भी इस अपराध में शामिल थे। जैसे ही यह खबर फैली, हाउंसलो में सिख समुदाय में गहरा आक्रोश फैल गया।
पुलिस की निष्क्रियता पर भड़का समुदाय
13 जनवरी को करीब 200-300 सिख प्रदर्शनकारी आरोपी के फ्लैट के बाहर इकट्ठा हुए और लड़की की रिहाई की मांग करते हुए घंटों प्रदर्शन किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे, जबकि पुलिस आरोपी के घर की सुरक्षा में मौजूद थी। सिख समुदाय ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले ही पुलिस को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस की निष्क्रियता ने समुदाय को नाराज कर दिया और अंततः उन्होंने खुद दखल देकर लड़की को सुरक्षित बाहर निकाला।
ग्रूमिंग गैंग का भयावह नेटवर्क
सिख संगठनों का कहना है कि यह मामला ब्रिटेन में सक्रिय ग्रूमिंग गैंग्स का एक उदाहरण है। ऐसे गिरोह मुख्य रूप से 11 से 16 साल की कमजोर और अकेली लड़कियों को निशाना बनाते हैं। शुरुआत में लड़कियों को सोशल मीडिया या स्कूल से अलग कर धोखे से फंसाया जाता है। आरोपियों ने खुद को “बॉयफ्रेंड” या दोस्त बता कर भरोसा जीतते हैं, महंगे उपहार, शराब या पैसे देकर आत्मीयता दिखाते हैं। धीरे-धीरे लड़की को परिवार और दोस्तों से अलग किया जाता है। इसके बाद यौन शोषण शुरू हो जाता है।
अगर लड़की भागने की कोशिश करती है, तो गिरोह ब्लैकमेल, मारपीट, धमकी और नग्न तस्वीरें फैलाने जैसी मनोवैज्ञानिक रणनीतियों से उसे नियंत्रित करता है। कई मामलों में पीड़िताओं को फ्लैट, होटल या अन्य शहरों में ले जाकर यौन शोषण के लिए बेच दिया जाता है। लंदन में ऐसे नेटवर्क सक्रिय हैं जो इस कारोबार से लाखों कमाते हैं और पीड़िताओं को ड्रग्स और डर के जरिए निर्भर बनाकर रखते हैं।
ब्रिटेन और भारत में चिंता
ब्रिटेन में पिछले दो दशकों में ग्रूमिंग गैंग्स के कई बड़े मामले सामने आए हैं। अधिकांश आरोपी ब्रिटिश-पाकिस्तानी मूल के थे, जिन्होंने खासकर सिख और हिंदू समुदाय की लड़कियों को निशाना बनाया। कई मामलों में पीड़िताओं पर धार्मिक दबाव और धर्मांतरण का प्रयास भी किया गया। भारत सरकार ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने कहा कि यह बाल शोषण का अत्यंत गंभीर मामला है, जिसे तुरंत जांच के दायरे में लाना और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करना जरूरी है। सूत्रों ने बताया कि संगठित शोषण के इस पैटर्न को रोकना प्राथमिकता होनी चाहिए और दोषियों को बिना किसी पक्षपात या डर के चिह्नित करना होगा।
ग्रूमिंग गैंग कैसे काम करता है
लड़कियों को भरोसा जीतने के लिए प्यार, दोस्ती और महंगे उपहार दिए जाते हैं। धीरे-धीरे लड़की को परिवार और दोस्तों से अलग किया जाता है। इसके बाद यौन शोषण शुरू होता है, और विरोध करने पर ब्लैकमेल, धमकी या मारपीट की जाती है। पीड़िताओं को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर शोषण के लिए बेचा जाता है और ड्रग्स के जरिए निर्भर बनाकर रखा जाता है। हाउंसलो का यह मामला ब्रिटेन में इस पैटर्न का सबसे नया उदाहरण माना जा रहा है। सिख समुदाय ने इस घटना को केवल यौन अपराध नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक पहचान पर हमला भी बताया है।
