ओमान के पास भारतीय जहाज ''जलवीर'' पर बड़ा हमला; US ने 72 घंटे में तीसरा शिप बनाया निशाना, भारत का गुस्सा आसमान पर
punjabkesari.in Thursday, Jun 11, 2026 - 01:45 PM (IST)
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। ओमान के तट के पास भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर लगातार हमलों ने न केवल समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच एक नया कूटनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। पिछले 72 घंटों में क्षेत्र में तीसरे जहाज से जुड़ी गंभीर घटना सामने आई है, जबकि एक हमले के बाद भारत ने अमेरिका के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि ओमान के शिनास बंदरगाह के निकट एक पोत से जुड़ी गंभीर घटना की जानकारी मिली है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित जहाज का नाम एमटी जलवीर (MT Jalveer) है और समुद्र में जहाज से आग की लपटें उठती दिखाई देने वाली तस्वीरें भी सामने आई हैं।
🇴🇲🇮🇳⚡- M/T JALVEER was struck earlier today near Oman's port of Shinas. The vessel is manned by an Indian crew. pic.twitter.com/R9TUb2xH9X
— Rerum Novarum // Intel, Breaking News, and Alerts (@officialrnintel) June 11, 2026
भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह घटना पर करीबी नजर रखे हुए है और स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ओमान तट के पास पालाऊ ध्वज वाले टैंकर सेटेबेलो (Settebello) पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख Jason Meeks को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना बंद होना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि ओमान स्थित भारतीय दूतावास खोज एवं बचाव अभियान में स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है।
🚨 UPDATE 24 Indian sailors rescued after US missile strike on tanker Marivex off Oman coast F/A-18 Super Hornet fired precision munition, crew safe thanks to Indian-Omani coordination. pic.twitter.com/bK8NogUsHN
— indiainlast24hr (@indiain24hr) June 9, 2026
तीन दिन में तीसरा हमला
एमटी जलवीर की घटना ऐसे समय हुई है जब पिछले कुछ दिनों में ओमान और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पहले टैंकर MT Settebello पर हुए हमले में 24 भारतीय नाविकों में से 21 को बचा लिया गया था, जबकि तीन भारतीय लापता हो गए थे। भारत ने उस हमले की कड़ी निंदा की थी और मामले पर अमेरिकी राजनयिक से औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ओमान की खाड़ी से गुजर रहे सेटेबेलो जहाज पर "सटीक हमला" किया था। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि जहाज कथित तौर पर ईरानी तेल ले जा रहा था और चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया।
🚨 UPDATE 24 Indian sailors rescued after US missile strike on tanker Marivex off Oman coast F/A-18 Super Hornet fired precision munition, crew safe thanks to Indian-Omani coordination. pic.twitter.com/bK8NogUsHN
— indiainlast24hr (@indiain24hr) June 9, 2026
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
International Maritime Organization के महासचिव Arsenio Dominguez ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि समुद्री कर्मचारियों की जान और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और उससे जुड़े सैन्य अभियानों के कारण भारत जैसे सहयोगी देशों के हित भी प्रभावित हो रहे हैं। लगातार भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने नई दिल्ली की चिंता बढ़ा दी है और इससे भारत-अमेरिका संबंधों में भी तनाव पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
