APK-आधारित साइबर धोखाध/ड़ी मामले में दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, बैंक कर्मचारी की मदद से चल रहा थे खेल

punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 02:58 PM (IST)

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस ने APK-आधारित साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह कई क्रेडिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को इधर-उधर करता था। पुलिस ने सोमवार को बताया कि अहमदाबाद से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार आरोपी ऑनलाइन ग्रुप के जरिए दूसरे हैंडलर्स से जुड़े हुए थे। उन्होंने बताया कि नेटवर्क से जुड़े कुछ नंबर अमेरिका से जुड़े पाए गए।

उन्होंने बताया कि यह मामला तब दर्ज किया गया जब दिल्ली के एक निवासी के साथ SMS में आए एक फर्जी लिंक के जरिए 6.57 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई। पुलिस के अनुसार 21 मई को ई-FIR दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। पुलिस ने बताया कि जांच टीम ने बैंकिंग रिकॉर्ड, मनी ट्रेल और तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया और दो ट्रांजैक्शन के जरिए धोखाधड़ी से कमाए गए लगभग 4 लाख रुपए का पता लगाया। 

उन्होंने बताया कि आरोपियों मोहम्मद इस्माइल अंसारी, शेख मोहम्मद नुरेन और तारिक अहमद का पता लगाकर उन्हें अहमदाबाद से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से 11 क्रेडिट कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस ने बताया कि जांच से पता चला है कि आरोपी कमीशन के आधार पर साइबर धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को इधर-उधर करने के लिए कई क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते थे और उनका इंतजाम करते थे। 

पुलिस ने बताया कि एक प्राइवेट बैंक के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी अंसारी ने धोखाधड़ी से कमाए गए पैसे को इधर-उधर करने के लिए कई क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जबकि नुरेन और अहमद ने कमीशन-आधारित ट्रांजैक्शन के लिए कार्ड उपलब्ध कराए या उनका इंतजाम किया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पीड़ितों को निशाना बनाने के लिए खतरनाक APK फाइलों का इस्तेमाल करता था। पीड़ितों को फर्जी मैसेज के जरिए एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए उकसाया जाता था, जिससे उनके मोबाइल डिवाइस और बैंकिंग जानकारी तक अनधिकृत पहुंच मिल जाती थी। पुलिस ने कहा कि अमेरिका में मौजूद हैंडलर्स की सही भूमिका और पहचान तथा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के पूरे ढांचे की जांच की जा रही है। 


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Content Writer

Sanjeev

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