सांप न शार्क और न शेर... दुनिया का सबसे बड़ा ''कातिल'' है यह नन्हा सा जीव, युद्ध और दंगों से ज्यादा ले रहा जानें
punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 10:29 PM (IST)
नेशनल डेस्कः जब भी दुनिया के सबसे खतरनाक और जानलेवा जीवों की बात आती है, तो हमारे जेहन में सांप, शेर या शार्क जैसे खूंखार जानवरों की तस्वीर उभरती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा शिकारी वह नहीं जिसे आप जंगल में देखते हैं, बल्कि वह है जो आपके घर के कोनों में छिपा बैठा है? जी हां, हम बात कर रहे हैं मच्छर की। सुनने में भले ही यह जीव पिद्दी सा लगे, लेकिन वैश्विक स्वास्थ्य डेटा के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि यह नन्हा सा जीव असल में पृथ्वी का सबसे खतरनाक शिकारी है।
युद्ध से ज्यादा घातक है मच्छर का डंक
हैरान कर देने वाली बात यह है कि मच्छरों के कारण होने वाली मौतों की संख्या उन युद्धों और हिंसा से भी कहीं अधिक है, जिनसे पूरी दुनिया थर्राती है। एक अनुमान के मुताबिक, पूरी दुनिया में होने वाली हिंसक घटनाओं और युद्धों की वजह से हर साल लगभग 4,75,000 लोग अपनी जान गंवाते हैं, जबकि यह नन्हा सा मच्छर हर साल 7,25,000 से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला देता है। इसकी तुलना में सांपों के काटने से 50,000 मौतें होती हैं, जबकि शेर और शार्क जैसे जानवर तो इस 'डेथ लिस्ट' में बहुत पीछे हैं।
बीमारियों का 'सप्लायर' है यह जीव
मच्छर खुद जानलेवा नहीं होते, बल्कि वे खतरनाक वायरस और बीमारियों के वाहक (कैरियर) के रूप में काम करते हैं। जब एक संक्रमित मच्छर इंसान को काटता है, तो वह उसके शरीर में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जिका वायरस और पीत ज्वर जैसी जानलेवा बीमारियां छोड़ देता है। ये बीमारियां हर साल करोड़ों लोगों को अपना शिकार बनाती हैं, खासकर विकासशील देशों में जहां गर्म जलवायु और रुक हुआ पानी इनके पनपने के लिए स्वर्ग जैसा होता है।
मलेरिया: सबसे बड़ा 'काल'
मच्छरों से होने वाली तमाम बीमारियों में मलेरिया सबसे घातक साबित होता है। संक्रमित मादा एनाफिलीज मच्छर द्वारा फैलाया जाने वाला यह रोग हर साल लाखों जिंदगियां लील जाता है। चिकित्सा विज्ञान की तमाम प्रगति के बावजूद, अफ्रीका और एशिया के देशों में मलेरिया आज भी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसका सबसे ज्यादा शिकार छोटे बच्चे और कमजोर लोग होते हैं।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर समय रहते मच्छरों के प्रजनन पर रोक नहीं लगाई गई और बचाव के उपाय नहीं किए गए, तो यह संख्या और भी भयावह हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि अपने आसपास पानी जमा न होने दें और मच्छरों से बचने के लिए हर संभव सुरक्षा अपनाएं, क्योंकि यह छोटा सा जीव किसी भी समय आपके लिए 'काल' बन सकता है।
