''यह साफ तौर पर सीट की चोरी है'': Supreme Court के फैसले के बाद भड़कीं कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन

punjabkesari.in Friday, Jun 12, 2026 - 04:28 PM (IST)

नेशनल डेस्क: राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका को उच्चतम न्यायालय द्वारा नामंजूर किए जाने के बाद शुक्रवार को कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह सभी के लिए बहुत स्पष्ट है कि ''सीट चोरी'' हुई है, और ''हम इसके खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं''। नटराजन ने कहा कि यह ''व्यक्तिगत हार'' का सवाल नहीं है, बल्कि ज़्यादा चिंता की बात वे ''झटके हैं, जो लोकतंत्र को बार-बार लग रहे हैं''। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली उनकी याचिका नामंजूर कर दी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने हालांकि स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

पीठ ने कहा, ''यदि अदालत यह तय करने लगे कि किन मामलों में नामांकन रद्द किया जाना इतना गलत है कि वह सीधे अनुच्छेद 32 या 226 के तहत हस्तक्षेप कर सकती है, और किन मामलों में उम्मीदवार को चुनाव याचिका का रास्ता अपनाना चाहिए, तो अदालत संविधान के अनुच्छेद 329 में ऐसी व्यवस्था जोड़ रही होगी, जो वहां लिखी ही नहीं गई है।'' उसने कहा, ''हमें डर है कि ऐसी किसी भी व्याख्या को प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता, जिसके तहत कुछ मामलों में यह अदालत हस्तक्षेप करे और कुछ अन्य मामलों में पक्षकारों को चुनाव न्यायाधिकरण का सहारा लेने के लिए छोड़ दे।''

कांग्रेस नेता ने संवाददाताओं से कहा, ''लोकतंत्र को बार-बार जो झटके लग रहे हैं, हमें उसकी चिंता है। यह किसी की व्यक्तिगत हार का सवाल नहीं है।'' जब उनसे पूछा गया कि क्या वह उच्च न्यायालय जाएंगी, तो नटराजन ने कहा, ''इसका फैसला मैं नहीं, मेरी पार्टी करेगी। मैं पार्टी की उम्मीदवार थी और पार्टी और उसके नेता जो भी फैसला करेंगे, हम उसे ही मानेंगे।'' उन्होंने कहा, ''हम लड़ने के लिए तैयार हैं, पूरी पार्टी एकजुट है, इससे बेहतर और क्या हो सकता है... 'सीट चोरी' साफ तौर पर दिख रही है और यह सबके सामने है। हम सब जानते हैं कि कॉर्पोरेट जगत के एक व्यक्ति के लिए एक कानून है और संवैधानिक सिद्धांतों के लिए लड़ने वालों के लिए दूसरा।''

नटराजन ने कहा, ''पार्टी ही अगला कदम तय करेगी। हम जनता की अदालत में जाने के लिए स्वतंत्र हैं और ऐसा करेंगे।'' न्यायालय के फैसले पर उन्होंने कहा, ''हम अदालत का आदेश देखेंगे और उसके बाद ही कोई टिप्पणी कर सकेंगे। जहां तक मैं समझती हूं, उन्होंने कहा है कि इसके लिए एक चुनाव याचिका होनी चाहिए।'' नटराजन ने यह भी कहा कि विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई। नटराजन ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग निष्पक्ष नहीं रह गया है और उसकी मिलीभगत है। कांग्रेस ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से नटराजन को अपना एकमात्र उम्मीदवार बनाया था। हालांकि, मंगलवार को निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्होंने तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज एक अदालती शिकायत के बारे में जानकारी छिपाई थी। 


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News Editor

Radhika

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