NEET 2026 के छात्रों ने फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, काउंसलिंग के बीच जानिए नई परेशानी
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 02:48 PM (IST)
नई दिल्ली: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देने वाले छह छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उनका आरोप है कि उन्होंने अपनी OMR शीट में जो जवाब शुरू में मार्क किए थे, वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से अपलोड की गई OMR शीट में दिख रहे जवाबों से अलग हैं। मंगलवार की सुबह इस मामले का जिक्र किया गया। छात्रों के वकील ने कोर्ट से गुजारिश की कि इस मामले पर जल्द से जल्द सुनवाई की जाए।
कोर्ट से मिले राहत के संकेत
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की बेंच इस याचिका को सुनवाई के लिए लिस्ट करने पर सहमत हो गई। CJI कांत ने कहा, “हम इसे लिस्ट करेंगे।”याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया कि NEET काउंसलिंग की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है और यह याचिका सिर्फ छह छात्रों से जुड़ी है। सभी छह छात्रों ने परीक्षा में 600-650 से ज्यादा अंक हासिल किए थे। उन्होंने तर्क दिया कि OMR शीट में बताई गई गड़बड़ियों का उनके एडमिशन की संभावनाओं पर काफी असर पड़ सकता है।
छात्रों की शिकायत
वकील ने कोर्ट को बताया कि छात्रों ने इस समस्या को सुलझाने के लिए कई बार NTA से संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। वकील की ओर से कहा गया कि एनटीए को कई ईमेल भेजे गए। NTA ऑफिस भी गए। लेकिन अधिकारी ने साफ तौर पर कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट जाओ। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।’
कई मामले सामने आए
यह याचिका ऐसे समय में आई है जब सुप्रीम कोर्ट 2026 में पेपर लीक विवाद के बाद NEET के संचालन में संरचनात्मक सुधारों की जांच कर रहा है। NTA ने पहले उम्मीदवारों की OMR उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां जारी की थीं और परिणाम को अंतिम रूप देने से पहले उम्मीदवारों को दर्ज प्रतिक्रियाओं में किसी भी गड़बड़ी को चुनौती देने का अवसर दिया था। हाल के दिनों में बॉम्बे हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में भी स्कोर से जुड़े गड़बड़ी मामले सामने आए हैं।
