तेल-गैस सप्लाई को लेकर सरकार ने दिए ये निर्देश, 3 घंटे चली PM मोदी की हाई लेवल मीटिंग
punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 09:18 PM (IST)
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम एक अहम बैठक की, जिसमें देश की ऊर्जा आपूर्ति और तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। यह हाई लेवल मीटिंग प्रधानमंत्री आवास पर हुई और करीब साढ़े तीन घंटे तक चली।
कई बड़े मंत्री रहे मौजूद
बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए। सभी ने मिलकर मौजूदा हालात और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की।
सप्लाई और लॉजिस्टिक्स पर जोर
प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम, कच्चा तेल, गैस, बिजली और उर्वरक जैसे अहम क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि देशभर में ऊर्जा की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत रखने पर भी जोर दिया गया।
वैश्विक हालात पर नजर जरूरी
अधिकारियों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी संकट को देखते हुए सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं और उद्योगों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाना है।
युद्ध से बढ़ा ऊर्जा संकट
प्रधानमंत्री पहले भी कह चुके हैं कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष पूरी दुनिया के लिए ऊर्जा संकट पैदा कर रहा है। उन्होंने इसे देश के लिए एक बड़ी चुनौती बताया और कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए धैर्य और जागरूकता जरूरी है।
होर्मुज स्ट्रेट से सप्लाई प्रभावित
ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी टकराव के कारण होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम समुद्री रास्ते पर असर पड़ा है। इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, लेकिन मौजूदा हालात में जहाजों की आवाजाही सीमित हो गई है। इसका असर भारत समेत कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है।
कई देशों के नेताओं से बातचीत
स्थिति को संभालने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान जैसे कई देशों के नेताओं से फोन पर बात की है और हालात पर चर्चा की है।
