''युवा पीढ़ी और विपक्ष की जीत हुई, अब PM मोदी भी माफी मांगें...'' कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला

punjabkesari.in Saturday, Jul 25, 2026 - 09:16 PM (IST)

नेशनल डेस्क : कांग्रेस ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों, युवाओं तथा विपक्ष की जीत करार देते हुए कहा कि अब सरकार को हटाने का वक्त आ गया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से देश के सभी छात्रों से माफी मांगने और छात्रों के खिलाफ कथित हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सरकार को आगाह किया कि यदि उसकी कार्यप्रणाली उसी तरह बनी रही तो आगे और बड़े पैमाने पर आक्रोश का सामना करना होगा।

प्रधान के इस्तीफे के बाद संवाददाताओं से बातचीत में गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को ''पूरे दिल से'' समर्थन दिया और पार्टी भारत के छात्रों की रक्षा तथा देश के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा, ''ये हमारे छात्रों की जीत है, जो हिंदुस्तान के भविष्य हैं।'' कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था, जिसकी कभी दुनिया भर में प्रशंसा होती थी, पिछले कुछ वर्षों में ''कब्जे'' में ले ली गई है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने ''दीमक बनकर'' इसे खोखला कर दिया है।

गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ''भ्रष्टाचार, अयोग्यता और शिक्षा व्यवस्था की तबाही'' के प्रतीक बन गए थे और उनका हटना अच्छा हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रों की दो मांगों को नहीं भुलाया जाना चाहिए और वो मांगें छात्रों के खिलाफ कथित हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई और प्रधानमंत्री द्वारा देश के सभी छात्रों से माफी की हैं। गांधी ने कहा, ''मेरी तरफ से छात्रों को जो भी समर्थन चाहिए, उसके लिए मैं तैयार हूं।'' उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि छात्रों पर गोली चलाने तथा घातक हथियारों और पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा, ''हम अपने सुरक्षाबलों को भारत के भविष्य पर गोली चलाते हुए स्वीकार नहीं करते। यह संसद में एक बड़ा मुद्दा बनने जा रहा है।''

गांधी ने कहा कि भारत रोजगार सृजन, शिक्षा व्यवस्था, संस्थानों और मीडिया के ''नष्ट'' होने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए और आगाह किया कि यदि सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ती रही तो ''आज जो हुआ है, आगे उससे 10 गुना बड़े पैमाने पर सामने आएगा।'' गांधी ने कहा, ''यह देश आपका (सरकार) नहीं है। यह भारत के लोगों का है। यह भारत के संविधान का है। ये संस्थान भी आपके नहीं हैं।'' इससे पहले 'एक्स' पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, गरीबों और सरकार द्वारा ''दबाए तथा कुचले गए'' लोगों का अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़ा होना ही ''असली साहस'' है। उन्होंने कहा, ''इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है। डरो मत।''

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधान के इस्तीफे के बाद कहा कि यह देश के करोड़ों युवाओं, सत्य और साझा विपक्ष की जीत तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ''हठ'' की हार है। खरगे ने 'एक्स' पर कहा, ''भारत के 'छात्रों की गूंज' आखिरकार अहंकारी सत्ता की दहलीज तक पहुंच गई।'' उन्होंने कहा कि यह उन करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवाज उठाई। खरगे ने कहा कि अब प्रधानमंत्री को युवा पीढ़ी से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों के खिलाफ लाठी-डंडे तथा पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि भारत के युवाओं ने उन लोगों के नियंत्रण से देश को वापस लेना शुरू कर दिया है जिन्होंने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि एक ''अलोकतांत्रिक और दमनकारी सरकार'' को भारत की जनता की इच्छा के आगे झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रियंका ने युवाओं से कहा कि जो सही है उसके लिए अडिग रहने की अपनी भावना को कभी दबने न दें।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधान का इस्तीफा उस युवा पीढ़ी के संघर्ष की जीत है जो एक ''अनुचित और भ्रष्ट व्यवस्था'' से थक चुकी है। उन्होंने इसे छात्रों के साथ विपक्ष की ''चट्टान की तरह एकजुटता और समर्थन'' की भी जीत बताया। रमेश ने कहा कि युवाओं के लगातार दबाव ने आखिरकार प्रधानमंत्री को प्रधान को राजनीतिक संरक्षण देना बंद करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा, ''यह अंत नहीं है। हम अब भी प्रधानमंत्री की ओर से अपने छात्रों से माफी का इंतजार कर रहे हैं।'' कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि छात्रों और कांग्रेस की मांगों में से अभी केवल एक मांग पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों के साथ हुई हिंसा की जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी है।

खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''कोई भी इस गलतफहमी में न रहे कि यह संघर्ष का अंत है। यह संघर्ष की शुरुआत है। जवाबदेही तय करनी होगी, माफी मांगनी होगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने होंगे।'' कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस बात की स्वीकारोक्ति है कि लोकतंत्र में जवाबदेही से अनिश्चितकाल तक बचा नहीं जा सकता। थरूर ने कहा कि जवाबदेही प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म नहीं होती और अब गहरी विफलताओं को पारदर्शी सुधारों के जरिए दूर किया जाना चाहिए। 


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News Editor

Parveen Kumar

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