Passport New Rule: अब फिजिकल पासपोर्ट की टेंशन खत्म! सरकार के नए सिस्टम से स्मार्टफोन में सेव होगा आपका डेटा
punjabkesari.in Sunday, Feb 22, 2026 - 05:45 PM (IST)
नेशनल डेस्क: विदेश में रहने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए केंद्र सरकार बड़ी सुविधा शुरू करने की तैयारी कर रही है। अब पासपोर्ट खो जाने, रिन्यू कराने या किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में भारतीयों को दूतावास के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार एक इंटरनेशनल टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू करने की योजना बना रही है, जिसके जरिए दुनिया के किसी भी देश से सीधे ‘पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम’ से संपर्क किया जा सकेगा।
24 घंटे मिलेगी सहायता
विदेश मंत्रालय की योजना के अनुसार यह हेल्पलाइन साल के 365 दिन और 24 घंटे काम करेगी। इस सेवा के जरिए भारतीय नागरिक सिर्फ एक फोन कॉल कर अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे और विशेषज्ञों से तुरंत मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। खास बात यह है कि इस सुविधा के लिए किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी। इंटरनेशनल कॉल का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
विदेश में रहने वालों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
यह हेल्पलाइन खास तौर पर उन भारतीयों के लिए मददगार साबित होगी, जो पढ़ाई, नौकरी या काम के सिलसिले में विदेश में रहते हैं और किसी आपात स्थिति में भारतीय दूतावास तक नहीं पहुंच पाते। पासपोर्ट गुम हो जाना, नाम या वीजा से जुड़ी गलती, पासपोर्ट रिन्यूअल या दस्तावेज संबंधी समस्याओं का समाधान फोन पर ही किया जा सकेगा।
यूनिवर्सल टोल-फ्री सिस्टम की तैयारी
सरकार ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है, जिसमें ज्यादातर देशों के लिए एक यूनिवर्सल टोल-फ्री नंबर होगा। जिन देशों में तकनीकी दिक्कत आएगी, वहां अलग नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। कॉल करने पर यूजर को ऐसा अनुभव होगा जैसे वह स्थानीय नंबर पर बात कर रहा हो, जबकि सहायता भारत में बैठे प्रशिक्षित विशेषज्ञ देंगे।
प्रक्रिया शुरू, जल्द लॉन्च की तैयारी
विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दूरसंचार कंपनियों से टेंडर भी आमंत्रित किए गए हैं। योजना के अनुसार यह सेवा इसी वर्ष शुरू की जा सकती है।
पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम का विस्तार
भारत का पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम वर्ष 2012 में आधुनिक रूप में शुरू किया गया था, जो तकनीकी सहयोग के साथ संचालित हो रहा है। वर्तमान में देशभर में 37 पासपोर्ट कार्यालय, 92 पासपोर्ट सेवा केंद्र और 450 से अधिक पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट केंद्र काम कर रहे हैं। पासपोर्ट जारी करने और डेटा सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार के पास ही रहती है, जबकि तकनीकी प्रबंधन साझेदार कंपनियां संभालती हैं।
