RBI New Rule: KCC के नियमों में 5 बड़े बदलाव की तैयारी, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी!
punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 04:33 PM (IST)
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और खेती-किसानी को हाईटेक करने के लिए 'किसान क्रेडिट कार्ड' (KCC) के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव का खाका तैयार किया है। फरवरी 2026 की मौद्रिक नीति के बाद जारी किए गए इन नए मास्टर डायरेक्शन का उद्देश्य लोन प्रक्रिया को सरल बनाना और उसे सीधे तकनीक से जोड़ना है। अब किसानों को न केवल कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी, बल्कि उनकी लोन लेने की क्षमता भी बढ़ेगी।
कार्ड की उम्र बढ़ी: अब 6 साल तक नहीं काटनी होगी बैंक की दौड़
आरबीआई ने प्रस्तावित किया है कि किसान क्रेडिट कार्ड की वैधता को अब मौजूदा 5 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया जाए। इस एक साल के विस्तार से किसानों को बार-बार रिन्यूअल की प्रक्रिया और लंबी दस्तावेजी कार्रवाई से राहत मिलेगी। इससे किसानों का बैंक के साथ रिश्ता और अधिक स्थायी और तनावमुक्त होगा।
फसल चक्र के अनुसार कर्ज अदायगी की सुविधा
किसानों पर कर्ज चुकाने का दबाव अक्सर फसल न कटने के कारण बढ़ जाता है। इसे समझते हुए अब लोन चुकाने की समय सीमा को फसल की प्रकृति से जोड़ दिया गया है:-
छोटी अवधि की फसलें: इनके लिए 12 महीने का समय मिलेगा।
लंबी अवधि की फसलें: इनके लिए भुगतान की अवधि 18 महीने तक बढ़ाई गई है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसान अपनी फसल को बाजार में सही दाम मिलने पर ही बेचकर कर्ज चुका सकेगा।
बढ़ जाएगी कर्ज की सीमा: लागत बढ़ी तो लोन भी बढ़ेगा
अब किसान की ड्राइंग लिमिट को सीधे 'स्केल ऑफ फाइनेंस' (SoF) से जोड़ा जाएगा। इसका सीधा अर्थ है कि जैसे-जैसे खाद, बीज और मजदूरी जैसी खेती की लागत बढ़ेगी, बैंक खुद-ब-खुद किसान की लोन लिमिट को भी उसी अनुपात में बढ़ा देंगे। अब महंगाई किसानों की खेती में रुकावट नहीं बनेगी।
डिजिटल किसान: UPI और e-Rupee से जुड़ा KCC
आधुनिकता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब KCC कार्ड डिजिटल वॉलेट में बदल जाएगा। आरबीआई ने बैंकों को इसे UPI और CBDC (डिजिटल रुपया) से जोड़ने का निर्देश दिया है। अब किसान खाद-बीज की दुकानों या मंडियों में सीधे अपने फोन से भुगतान कर सकेंगे, जिससे नकद रखने का जोखिम और फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म होगी।
स्मार्ट खेती और ड्रोन के लिए विशेष फंडिंग
पहली बार KCC के दायरे में आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। अब किसान खेती के साथ-साथ इन विशेष जरूरतों के लिए भी लोन ले सकेंगे:
-मिट्टी की जांच (Soil Testing) और जैविक सर्टिफिकेशन।
-खेती में ड्रोन का इस्तेमाल और स्मार्ट सिंचाई प्रणालियां।
-मौसम की जानकारी देने वाली रियल-टाइम सेवाएं।
ब्याज दर: समय पर भुगतान पर सिर्फ 4% का बोझ
राहत की बात यह है कि ब्याज दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ₹5 लाख तक के कर्ज पर 7% की दर लागू रहेगी। यदि किसान ईमानदारी से समय पर किश्त चुकाता है, तो उसे 3% की अतिरिक्त छूट मिलेगी, यानी प्रभावी ब्याज दर मात्र 4% रह जाएगी। RBI ने इन नियमों पर 6 मार्च 2026 तक सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद इन्हें देशभर में पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
