भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक दहाड़, 10 पायदान की लंबी छलांग लगाकर पहुंचा 75वें नंबर पर, इन 2 देशों की बढ़ी टेंशन

punjabkesari.in Sunday, Feb 15, 2026 - 03:38 PM (IST)

Henley Passport Index India : अंतरराष्ट्रीय यात्रा के शौकीनों के लिए एक अच्छी और एक थोड़ी चौंकाने वाली खबर है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स (Henley Passport Index) 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गया है। भारत ने वैश्विक रैंकिंग में 10 अंकों का सुधार किया है और अब वह 75वें स्थान पर काबिज है लेकिन इस बढ़ती ताकत के बीच दो देशों ईरान और बोलीविया ने भारतीयों के लिए एंट्री के नियम कड़े कर दिए हैं।

रैंकिंग में सुधार, पर दो रास्तों पर लगा ब्रेक

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग सुधरने का मतलब है कि दुनिया के देशों के बीच भारत की साख बढ़ी है। हालांकि रैंकिंग में ऊपर चढ़ने के बावजूद यात्रियों के लिए एक झटका भी लगा है। भारत ने ईरान और बोलीविया में मिलने वाली वीजा-फ्री (बिना वीजा एंट्री) की सुविधा खो दी है।

ईरान: सुरक्षा और मानव तस्करी बनी वजह

ईरान ने नवंबर 2025 में भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा को खत्म कर दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान में मानव तस्करी और धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे थे। कई भारतीयों को फर्जी नौकरी के बहाने ईरान बुलाया जा रहा था। अब भारतीयों को ईरान जाने से पहले अनिवार्य रूप से वीजा लेना होगा।

बोलीविया: ई-वीजा का नया चक्कर

दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने भी अपने नियमों में बदलाव किया है।

  • बदलाव: पहले भारतीयों को यहां 'वीजा ऑन अराइवल' (पहुंचने पर वीजा) मिलता था लेकिन अब इसकी जगह 'ई-वीजा' (E-Visa) सिस्टम लागू कर दिया गया है।

  • असर: चूंकि ई-वीजा के लिए यात्रा शुरू करने से पहले ही ऑनलाइन मंजूरी लेनी पड़ती है इसलिए अब इसे 'वीजा-फ्री' कैटेगरी में नहीं गिना जाता।

कैसे तय होती है रैंकिंग?

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स दुनिया के 199 पासपोर्ट्स की तुलना 227 यात्रा स्थलों से करता है। यह इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के डेटा पर आधारित है। भारत की रैंकिंग में सुधार इसलिए हुआ क्योंकि पिछले एक साल में कई अन्य देशों की स्थिति भारत के मुकाबले कमजोर हुई है जिससे भारत को 'तुलनात्मक लाभ' मिला है।

अभी भी कई रास्ते खुले हैं

भले ही ईरान और बोलीविया ने नियम बदले हों लेकिन भारत की 'ओवरऑल मोबिलिटी' यानी दुनिया भर में घूमने की क्षमता मजबूत बनी हुई है। वर्तमान में भारतीय नागरिक दुनिया के दर्जनों देशों में बिना वीजा या 'वीजा ऑन अराइवल' के सफर कर सकते हैं। यह सुधार भारत के मजबूत होते राजनयिक संबंधों और वैश्विक छवि का प्रमाण है।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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