राजस्थान: सस्ते हुए मसाले! जीरा-धनिया के दाम गिरे, क्या आपकी रसोई का बजट होगा कम? जानिए इसके पीछे की वजह
punjabkesari.in Wednesday, Apr 29, 2026 - 02:51 PM (IST)
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर ग्लोबल मार्केट में देखने के मिल रहा है। इस संघर्ष का संकट भारत के कुछ सेक्टर्स पर भी गहराने लगा है। हमने आमतौर पर देखा है कि युद्ध के दौरान बने हालातों के चलते चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं लेकिन राजस्थान के मसाला व्यापार से इसके उलट खबर सामने आई है। यहां पर निर्यात रुकने और शिपिंग लागत में भारी बढ़ोतरी के कारण स्थानीय मंडियों में मसालों की कीमतें गिर गई हैं।

निर्यात हुआ ठप, मंडियों में बढ़ा स्टॉक
राजस्थान की प्रमुख मसाला मंडियों में इन दिनों जीरा, धनिया और हल्दी का भारी स्टॉक जमा हो गया है। निर्यातकों के अनुसार समुद्री रास्तों पर बढ़ते जोखिम की वजह से माल ढुलाई का किराया कई गुना बढ़ गया है। भारत मिडिल ईस्ट से कई मसाले खरीदता है। वहां पर जारी तनाव के चलते नए ऑर्डर्स में कमी आई है। ऐसे में राजस्थान में मांग घटने से जीरा, हल्दी और धनिया के थोक भाव नीचे आ गए हैं। हालांकि, कम उत्पादन की वजह से मिर्च की कीमतों में अभी भी मजबूती बनी हुई है।

किसान और व्यापारी संकट में, उपभोक्ताओं को राहत
इस स्थिति ने बाजार में एक अजीब विरोधाभास पैदा कर दिया है:
1. किसानों की चिंता: सही दाम न मिलने के कारण किसान अपनी फसल लागत से कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं।
2. व्यापारियों का नुकसान: मंडियों में नकदी का प्रवाह कम होने से कारोबार सुस्त पड़ गया है।
3. आम जनता को फायदा: दूसरी ओर, रसोई के बजट से परेशान आम उपभोक्ताओं के लिए यह राहत की खबर है, क्योंकि खुदरा बाजार में मसालों के दाम कम हुए हैं।
सरकार से मदद की लगाई गुहार
इस संकट को लेकर मसाला व्यापार से जुड़े संगठनों ने सरकार से हस्तक्षेप करने की मांग की है। व्यापारियों का सरकार को कहना है कि निर्यात के लिए नए इंटरनेशनल मार्केट ढूंढने चाहिए और बढ़ी हुई शिपिंग लागत को कम करने के लिए सब्सिडी या अन्य राहत उपाय करने चाहिए। इससे किसानों और स्थानीय उद्योगों को डूबने से बचाया जा सके।
