जवानी में जुर्म, बुढ़ापे में गिरफ्तारी! 84 की उम्र में सलाखों के पीछे पहुंचा कातिल पति, वजह जानकर कांप जाएगी रूह
punjabkesari.in Friday, Apr 24, 2026 - 02:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क। कानून के हाथ वाकई बहुत लंबे होते हैं और दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इसे सच कर दिखाया है। पुलिस ने करीब चार दशकों से फरार चल रहे एक ऐसे हत्यारे को गिरफ्तार किया है जिसने 1986 में अपनी पत्नी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। 84 साल का आरोपी चंद्रशेखर प्रसाद जो बिहार के नालंदा का रहने वाला है पिछले 40 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था।
1986 की वो खौफनाक वारदात
यह मामला पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके का है। साल 1986 में चंद्रशेखर को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था। इसी शक की आग में जलते हुए उसने ईंटों से सिर कुचलकर अपनी पत्नी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। वारदात के समय उसने घर के नौकर को भी हथियार के दम पर डराया और फिर अपने साथियों के साथ फरार हो गया। 1987 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।
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पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय की थी। 1986 के समय न तो मोबाइल फोन थे, न ही डिजिटल रिकॉर्ड। पुलिस के पास आरोपी की कोई साफ फोटो या आधुनिक डेटा भी मौजूद नहीं था। गिरफ्तारी से बचने के लिए चंद्रशेखर ने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा कर रखी हुई थी। वह कभी पंजाब में रिक्शा चलाता, कभी हरियाणा में छिपता, तो कभी किसी आश्रम में जाकर शरण के लेता था।
पुलिस ने बिछाया गिरफ्तारी का जाल
क्राइम ब्रांच ने जब इस 'कोल्ड केस' को दोबारा खोला तो उन्होंने पुराने सुरागों की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में पता चला कि आरोपी के बच्चे दिल्ली और बिहार में सक्रिय हैं। पुलिस ने कुछ संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लिया। नालंदा में स्थानीय जांच से पता चला कि आरोपी अभी जीवित है और अक्सर धार्मिक आयोजनों में गुपचुप तरीके से आता-जाता है। तकनीकी इनपुट से पुलिस को पता चला कि वह दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट इलाके में छिपकर रह रहा है।
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2026 में पुलिस ने चलाया Secret Operation
22 अप्रैल 2026 को पुलिस ने एक सीक्रेट ऑपरेशन चलाया। चंद्रशेखर को नांगली पूना इलाके की एक फैक्ट्री के स्टोर रूम से गिरफ्तार किया गया जहां वह अपनी असली पहचान छिपाकर रह रहा था। 40 साल बाद सलाखों के पीछे पहुंचे इस बुजुर्ग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
