‘जिसे मरा समझा… वो जिंदा मिली?’ 10 महीने जेल में बंद रहा बेगुनाह, पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
punjabkesari.in Friday, Apr 10, 2026 - 12:43 AM (IST)
नेशनल डेस्कः बिहार के कटिहार जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की कथित लापरवाही ने एक निर्दोष व्यक्ति को 10 महीने तक जेल में रहने पर मजबूर कर दिया। जिस महिला की हत्या के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया था, वह अब जिंदा मिली है और अपने प्रेमी के साथ रह रही थी।
10 महीने पहले लापता हुई थी महिला
यह मामला आजमनगर थाना क्षेत्र के कुशहा गांव का है। करीब 10 महीने पहले गांव की लख्खी देवी अचानक लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद जब महिला का कोई सुराग नहीं मिला, तो उसके मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया।
बिना शव के ही हत्या मानकर भेज दिया जेल
पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर चचेरे देवर राजेश यादव के खिलाफ अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर लिया। हैरानी की बात यह रही कि बिना किसी शव की बरामदगी के ही पुलिस ने हत्या मान ली और कथित कबूलनामे के आधार पर आरोपी को जेल भेज दिया। पुलिस का दावा था कि महिला की हत्या कर शव को महानंदा नदी में फेंक दिया गया। इसके बाद राजेश यादव को पूर्णिया जेल भेज दिया गया, जहां वह पिछले 10 महीनों से बंद था।
अचानक जिंदा मिली महिला, मचा हड़कंप
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि लख्खी देवी जिंदा है और सुधानी थाना क्षेत्र के दोगज गांव में अपने प्रेमी के साथ रह रही है। पुलिस ने छापेमारी कर महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया। महिला के जिंदा मिलने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
जांच अधिकारी पर कार्रवाई की तैयारी
कटिहार के एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि मामले में जांच अधिकारी की लापरवाही सामने आई है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, झूठी शिकायत करने वालों पर भी कार्रवाई की बात कही गई है।
