क्या अब बॉलीवुड के सेट पर भी गरजेगा सिंघम मुंडे, जानिए क्यों कांप रहे मुंबई के कैटरर्स और प्रोडक्शन हाउस?
punjabkesari.in Thursday, Aug 13, 2026 - 12:12 PM (IST)
मुंबई : महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे जो पूरे राज्य में खाने-पीने की जगहों पर अचानक छापेमारी के लिए जाने जाते हैं जल्द ही फिल्म स्टूडियो पर भी ध्यान दे सकते हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने FDA को पत्र लिखकर मुंबई में शूटिंग लोकेशन पर जांच की मांग की है। उन्होंने फिल्म वर्कर्स को असुरक्षित खाना परोसे जाने की लंबे समय से चली आ रही शिकायतों का हवाला दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक FWICE ने मुंबई में शूटिंग लोकेशन और कैटरिंग सुविधाओं पर अचानक छापेमारी के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया है। उनका कहना है कि सेट पर खाने की क्वालिटी को लेकर कई सालों से शिकायतें जमा हो रही हैं। फेडरेशन ने कहा कि इससे क्रू मेंबर्स की सेहत और सुरक्षा को असली खतरा है जो शूटिंग के दौरान लंबे समय तक काम करते हैं।
वहीं FWICE के जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे ने FDA को दिए एक बयान में कहा, वर्कर्स, टेक्नीशियन और आर्टिस्ट शूटिंग लोकेशन पर लंबे समय तक काम करते हैं और वे अपने काम की जगह पर सुरक्षित, साफ-सुथरा और पौष्टिक खाना पाने के हकदार हैं। यह एक बुनियादी ज़रूरत है, कोई लग्ज़री नहीं। उन्होंने आगे कहा, यह उन लोगों की गरिमा और भलाई का मामला है जो एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को चलाते हैं। हमें उम्मीद है कि FDA इन शिकायतों पर ध्यान देगा और जांच करेगा ताकि प्रोडक्शन हाउस और कैटरिंग एजेंसियों को जवाबदेह ठहराया जा सके।
फेडरेशन ने खास तौर पर FDA से गोरेगांव में फिल्म सिटी के साथ-साथ मुंबई और उसके आसपास की अन्य शूटिंग लोकेशन पर अचानक जांच करने को कहा है। वे चाहते हैं कि अधिकारी किचन, खाना बनाने की जगह, स्टोरेज एरिया और कैटरिंग सेटअप की जांच करें ताकि यह पक्का किया जा सके कि वे 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' के तहत तय मानकों को पूरा करते हैं।
FWICE ने यह भी कहा है कि जहां भी खाना असुरक्षित, मिलावटी या खाने लायक न लगे वहां खाने के सैंपल लिए जाएं और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रोड्यूसर्स, कैटरर्स या एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संस्था ने प्रस्तावित जांच में मदद के लिए FDA के साथ पूरा सहयोग करने का वादा किया है।
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जानें क्या है 'मुंडे इफेक्ट'?
यह शब्द रेस्तरां और होटलों के काम करने के तरीके में आए बड़े बदलाव को बताता है। यह बदलाव किसी एक छापेमारी की वजह से नहीं बल्कि FDA की प्रक्रिया में आए बदलाव के कारण आया है। तुकाराम मुंडे के कार्यकाल में, उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिए जाते हैं। इससे पहले कार्रवाई से पहले प्रतिष्ठानों को चुपचाप कमियां ठीक करने का समय दिया जाता था लेकिन अब वह तरीका खत्म कर दिया गया है।
