25 साल बाद अचानक लौटा पति... मृत मानकर देवर से शादी कर चुकी थी पत्नी, अब किसके साथ जाएगी पत्नी?
punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 06:07 PM (IST)
नेशनल डेस्क : यूपी के बिजनौर के नहटौर कस्बे से एक ऐसी हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों, परंपराओं और कानून को एक साथ कटघरे में खड़ा कर दिया है। 25 साल पहले लापता हुआ एक शख्स अचानक जिंदा मिल गया, लेकिन उसकी वापसी ने पूरे परिवार के सामने एक गहरा भावनात्मक और सामाजिक संकट पैदा कर दिया है।
25 साल पहले लापता, परिवार ने मान लिया था मृत
जानकारी के मुताबिक, पंजाब के कपूरथला जिले के शिवदयाल वाला गांव निवासी हंसा सिंह करीब 25 साल पहले अचानक गायब हो गए थे। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन जब तीन साल तक कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्हें मृत मान लिया गया। इसके बाद सामाजिक परंपराओं के अनुसार उनकी पत्नी विमला देवी की शादी उनके छोटे भाई सुखा सिंह से कर दी गई।
नई जिंदगी, 22 साल का साथ और तीन बच्चे
विमला देवी ने समय के साथ अपनी नई जिंदगी को स्वीकार कर लिया। पिछले 22 वर्षों से वह सुखा सिंह के साथ रह रही हैं और उनके तीन बच्चे भी हैं। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था, लेकिन हाल ही में घटी एक घटना ने सब कुछ बदल दिया।
नहटौर में भटकते मिले, पुलिस ने की पहचान
करीब तीन दिन पहले नहटौर के नया बाजार में एक अधेड़ व्यक्ति फटे कपड़ों और बढ़ी हुई दाढ़ी के साथ घूमता नजर आया। स्थानीय लोगों ने शक होने पर पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी रविंद्र प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और व्यक्ति से पूछताछ की। शुरुआत में वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया, लेकिन बाद में उसने अपना नाम हंसा सिंह और पता पंजाब बताया। पुलिस ने तकनीक, गूगल सर्च और पंजाबी भाषा जानने वालों की मदद से उसकी पहचान की पुष्टि की और पंजाब पुलिस से संपर्क किया।
72 घंटे में परिवार पहुंचा, भावुक हुआ मिलन
महज 72 घंटों के भीतर हंसा सिंह के परिजन नहटौर पहुंच गए। 25 साल बाद बदली हुई हालत के कारण पहचान करना आसान नहीं था, लेकिन जब हंसा सिंह ने परिवार से जुड़ी पुरानी बातें बताईं, तो उनके भाई और गांव के सरपंच भावुक हो गए।
सबसे बड़ी दुविधा: पत्नी किसे चुने?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी उलझन विमला देवी के सामने है। एक तरफ उनके पहले पति हंसा सिंह हैं, जो 25 साल बाद लौटे हैं, और दूसरी तरफ उनके वर्तमान पति सुखा सिंह हैं, जिनके साथ उन्होंने 22 साल बिताए हैं और जिनसे उनके बच्चे हैं। यह स्थिति भावनात्मक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी रूप से भी बेहद जटिल बन गई है।
पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही सराहना
नहटौर पुलिस की इस मामले में भूमिका की सराहना की जा रही है। जिस व्यक्ति को लोग भिखारी समझ रहे थे, पुलिस ने उसके साथ संवेदनशील व्यवहार किया, उसकी देखभाल की और पहचान स्थापित कर उसे परिवार से मिलाया।
मां के लिए भावुक पल
हंसा सिंह की बुजुर्ग मां जट्टो कौर के लिए यह पल बेहद भावुक रहा। फोन पर बेटे की आवाज सुनते ही उनकी आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कहा कि अब बेटे को देखकर ही उन्हें सुकून मिलेगा।
कानूनी और सामाजिक सवाल अब भी बरकरार
फिलहाल हंसा सिंह अपने परिवार के साथ पंजाब लौट चुके हैं, लेकिन उनके लौटने से जो कानूनी और सामाजिक सवाल खड़े हुए हैं, उनका जवाब अभी बाकी है। यह घटना न सिर्फ एक परिवार की कहानी है, बल्कि रिश्तों की जटिलता और परिस्थितियों के सामने इंसानी मजबूरी का एक जीवंत उदाहरण भी है।
