8 घंटे पहले जन्मी बेटी, स्ट्रेचर पर पत्नी... तिरंगे में लिपटे आर्मी जवान की अंतिम विदाई में फफक पड़े लोग (Video)

punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 06:18 AM (IST)

नेशनल डेस्कः किस्मत कभी-कभी इतनी बेरहम हो जाती है कि इंसान सोच भी नहीं सकता। महाराष्ट्र के सातारा जिले से आई यह घटना हर किसी का दिल तोड़ देने वाली है, जहां एक महिला ने बेटी को जन्म देने के कुछ ही घंटों बाद अपने पति को अंतिम विदाई दी।

पत्नी अस्पताल के स्ट्रेचर पर लेटी हुई श्मशान घाट पहुंची। वहां लेटे-लेटे ही उसने अपने पति के चेहरे को छुआ। उसके पास एक दूसरी महिला गोद में 8 घंटे पहले जन्मी नवजात बच्ची को लेकर खड़ी थी। यह दृश्य इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति फूट-फूट कर रो पड़ा। अब इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

महाराष्ट्र के सातारा जिले से सामने आई दर्दनाक घटना

यह दिल दहला देने वाली घटना सातारा जिले के आरे-दरे गांव की है। यहां भारतीय सेना के जवान प्रमोद जाधव की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। प्रमोद की पत्नी गर्भवती थीं। बच्चे के जन्म के समय पत्नी के पास रहने के लिए प्रमोद ने छुट्टी ली थी और घर आए थे। लेकिन किसी को नहीं पता था कि परिवार से मिलने आया यह जवान अब हमेशा के लिए उनसे जुदा हो जाएगा।

हादसे में गई जान, कुछ घंटों बाद बेटी का जन्म

सातारा तालुका के दरे इलाके में एक सड़क दुर्घटना में प्रमोद जाधव की मौत हो गई। हादसे के कुछ ही घंटों बाद उनकी पत्नी ने एक बेटी को जन्म दिया। जिस जवान को अपनी बेटी को गोद में लेना था, उसकी किस्मत ने उसे बेटी की शक्ल देखने से पहले ही छीन लिया।

आठ घंटे की बेटी के साथ पति को अंतिम विदाई

रविवार को प्रमोद जाधव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम विदाई के समय वह दृश्य हर किसी की रूह तक हिला देने वाला था— पत्नी स्ट्रेचर पर लेटी हुई, आंखों में आंसू, सामने तिरंगे में लिपटा पति और पास खड़ी महिला गोद में 8 घंटे की मासूम बेटी। जिस बेटी को पिता की उंगली पकड़कर चलना था, वह अपने पिता को आखिरी सलाम दे रही थी।

पूरे गांव की आंखें भर आईं

मां की आंखों में दर्द था, गोद में नन्ही बच्ची थी और सामने देश के लिए सेवा करने वाला उसका पति तिरंगे में लिपटा हुआ था। यह मंजर देखकर श्मशान घाट में मौजूद हर इंसान की आंखें भर आईं। एक तरफ नई जिंदगी का आगमन, दूसरी तरफ एक सच्चे सिपाही की विदाई— यह दर्द कोई भी भूल नहीं पाएगा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News