US में भारतीयों के खिलाफ बढ़ी नफरत; टेक्सास में गौरे ने तिरंगा फाड़ा, बोला-"तुमने हमारे देश पर कब्ज़ा कर लिया" (Video)
punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 03:26 PM (IST)
Washington: अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती शत्रुतापूर्ण बयानबाजी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। टेक्सास के निवासी क्लेटन वॉकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक सिटी हॉल के बाहर भारतीय झंडे को फाड़ते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह भारतीय आप्रवासियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करता है और इसे "भारतीय आप्रवासन का आक्रमण" करार देता है। वायरल वीडियो में वॉकर भारतीय समुदाय के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करता नजर आता है। वह कह रहा है कि "तुमने हमारे देश पर कब्ज़ा कर लिया है।" उसने दावा किया कि भारतीय आप्रवासी अमेरिका की पहचान और स्थानीय व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। इस दौरान उसने भारतीय झंडा फाड़कर विरोध जताया, जिसकी सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना हुई।
🚨 A Texan protested against the “Indian immigration influx” in North Dallas by tearing the Indian flag outside City Hall and shouting anti-India slogans. pic.twitter.com/rZisVacw7r
— Global News & Geopolitics 🌍 (@GlobalNewsGeo) June 3, 2026
भारत-विरोधी इन्फ्लुएंसर ने बढ़ाया मुद्दा
इस वीडियो को अमेरिका के विवादित दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एलिजाह शेफर ने भी साझा किया और उसे बढ़ावा दिया। शेफर इससे पहले भी भारतीय मूल के नेताओं और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लेकर विवादित और नस्लीय टिप्पणियां कर चुके हैं। उनके बयानों को लेकर पहले भी आलोचना होती रही है।
भारतीय समुदाय ने जताई नाराजगी
भारतीय-अमेरिकी समुदाय और कई सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह केवल आव्रजन नीति की आलोचना नहीं बल्कि सीधे तौर पर भारतीयों और भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने का प्रयास है। समुदाय के नेताओं ने कहा कि किसी देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना और पूरे समुदाय को "आक्रमणकारी" बताना घृणा फैलाने के समान है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर राजनीतिक बहस के बीच कुछ कट्टरपंथी समूह भारतीयों और अन्य एशियाई समुदायों को निशाना बना रहे हैं। खासकर टेक्सास जैसे राज्यों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक भागीदारी को लेकर कुछ समूहों में असंतोष देखा जा रहा है। हालांकि अमेरिकी समाज का बड़ा हिस्सा विविधता और बहुसांस्कृतिक मूल्यों का समर्थन करता है, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि नस्लीय और जातीय आधार पर नफरत फैलाने वाले तत्व अभी भी सक्रिय हैं।
