US Asylum Rules Changed: अमेरिका ने असाइलम सिस्टम में किया बड़ा बदलाव, लाखों आवेदकों पर असर

punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 08:18 AM (IST)

वॉशिंगटन: ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी असाइलम सिस्टम में बदलाव किया है, जिससे इमिग्रेशन अधिकारी कुछ आवेदनों को आवेदकों का इंटरव्यू लिए बिना सीधे इमिग्रेशन जजों के पास भेज सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम से पेंडिंग मामलों (बैकलॉग) का बोझ कम होगा, लेकिन इमिग्रेंट समर्थकों का कहना है कि इससे उचित कानूनी प्रक्रिया कमजोर होगी।

यह अंतरिम अंतिम नियम US सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़ (USCIS) को शुरुआती इंटरव्यू किए बिना 'अफरमेटिव असाइलम' आवेदनों को इमिग्रेशन जजों के पास भेजने की अनुमति देता है। डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने कहा कि यह नियम तुरंत लागू होगा और USCIS अंतिम संस्करण जारी करने से पहले जनता की राय लेगी।

'अफरमेटिव असाइलम' आवेदन उन लोगों द्वारा दायर किए जाते हैं जो देश से निकाले जाने की प्रक्रिया (रिमूवल प्रोसीडिंग्स) का सामना नहीं कर रहे हैं। USCIS अभी ऐसे मामलों को संभालती है। डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस के इमिग्रेशन जज उन 'डिफेंसिव असाइलम' आवेदनों पर फैसला करते हैं जो उन लोगों द्वारा दायर किए जाते हैं जिन्हें पहले से ही देश से निकाले जाने का सामना करना पड़ रहा है।

आवेदक के इमिग्रेशन स्टेटस के आधार पर, USCIS आमतौर पर आवेदन पर फैसला करती है या नए सिरे से समीक्षा के लिए इसे इमिग्रेशन जज के पास भेजती है। DHS ने कहा कि मौजूदा प्रक्रिया प्रभावी रूप से आवेदक को असाइलम मांगने का दूसरा मौका दे सकती है। विभाग ने कहा कि कुछ मामलों में USCIS इंटरव्यू को न करने से असाइलम अधिकारियों और इमिग्रेशन जजों को आवेदनों पर फैसला करने में लगने वाला समय कम हो जाएगा।

USCIS के डायरेक्टर जोसेफ एडलो ने कहा, "बहुत लंबे समय से असाइलम सिस्टम का इस्तेमाल देरी और वर्क ऑथराइजेशन (काम करने की अनुमति) पाने के लिए किया जा रहा है, न कि सुरक्षा के सही दावों के लिए।" उन्होंने कहा, "अमेरिका का असाइलम सिस्टम उन लोगों की सुरक्षा के लिए है जिन्हें वास्तव में उत्पीड़न का डर है। यह नियम यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि संसाधन उन दावों के समय पर निपटारे में लगाए जाएं, न कि उन लोगों के लिए जो सिस्टम का इस्तेमाल एक खामी (लूपहोल) के तौर पर करना चाहते हैं।"

DHS के जनरल काउंसिल जेम्स पर्सिवल ने देरी के लिए बिना कागजात वाले इमिग्रेंट्स और उनके वकीलों को जिम्मेदार ठहराया। पर्सिवल ने कहा, "इमिग्रेशन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है अवैध प्रवासियों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले 'ओपन बॉर्डर' वकीलों द्वारा जानबूझकर की जाने वाली देरी। मेरा ऑफिस DHS के इमिग्रेशन विभागों के साथ मिलकर काम करता है ताकि कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके और राष्ट्रपति के आदेश को पूरा किया जा सके। यह नियम ठीक यही करेगा।" 

इमिग्रेशन के लिए काम करने वाली संस्था FWD.us ने कहा कि यह नियम USCIS के दशकों पुराने कामकाज के तरीके से एक बड़ा बदलाव है। संस्था ने कहा कि इस बदलाव से इमिग्रेशन जजों को भेजे जाने वाले रेफरल लेटर में आवेदक की विश्वसनीयता के मूल्यांकन को शामिल करने की शर्त भी खत्म हो जाएगी। ग्रुप ने कहा कि इस उपाय को 'अंतरिम अंतिम नियम' के तौर पर लागू करने से आम 'नोटिस-और-कमेंट' प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया जाएगा। ग्रुप ने इस फ़ैसले को "बेहद चिंताजनक और नुकसानदेह" बताया और कहा कि इससे शरण चाहने वालों को बुनियादी कानूनी प्रक्रिया का लाभ नहीं मिल पाएगा।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब लाखों लोग 'टेम्परेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस' (अस्थायी सुरक्षा का दर्जा) से जुड़े फ़ैसलों का इंतज़ार कर रहे हैं। FWD.us ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले के बाद हैती और सीरिया के लिए सुरक्षा व्यवस्था जल्द ही खत्म हो सकती है, जबकि कोर्ट के आदेशों ने बर्मा, इथियोपिया, सोमालिया, साउथ सूडान और यमन से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था को खत्म करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
 


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Content Editor

Anu Malhotra

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