Telangana Election Results 2023 Live : तेलंगाना में कांग्रेस बहुमत के पार, अब तक 10 सीट पर हासिल की जीत

punjabkesari.in Sunday, Dec 03, 2023 - 04:30 PM (IST)

नैशनल डैस्क : तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को जारी मतगणना में कांग्रेस ने अब तक 10 सीट पर जीत हासिल कर ली है और वह 53 सीट पर बढ़त के साथ राज्य में अपनी पहली सरकार बनाने के लिए बहुमत प्राप्त करने की ओर बढ़ती प्रतीत हो रही है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत की संभावना के बीच तेलंगाना विधानसभा चुनाव का परिणाम कांग्रेस के पक्ष में जाता प्रतीत हो रहा है। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस ने 10 सीट पर जीत हासिल कर ली है। विजयी कांग्रेस उम्मीदवारों में लक्ष्मी कांथा राव तोटा (जुक्कल), मयनामपल्ली रोहित (मेडक), जी विवेकानंद (चेन्‍नुर), जी विनोद (बेल्‍लामपल्‍ली) और उत्तम कुमार रेड्डी नालामादा (हुजूरनगर) शामिल हैं। 

आयोग द्वारा घोषित परिणाम के अनुसार, राज्य में सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने छह सीट जीत ली हैं। बीआरएस उम्मीदवार श्रीनिवास रेड्डी परिगे को बांसवाड़ा से, प्रशांत रेड्डी वेमुला को बालकोन्‍डा से, वाकीति सुनीता लक्ष्मा रेड्डी को नरसापुर, चामकूर मल्ला रेड्डी को मेडचाल और के.पी.विवेकानंद को कुथबुल्‍लापुर से विजयी घोषित किया गया है। आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस 53 सीट और बीआरएस 34 सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा एक सीट पर जीत चुकी है और आठ पर आगे चल रही है, वहीं ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) छह और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एक सीट पर आगे हैं। छह दौर की मतगणना के बाद मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव गजवेल में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा नेता ई राजेंद्र से 8,852 वोट से आगे हैं, जबकि वह कामारेड्डी में 1,768 वोटों से पीछे हैं। 

पार्टी कार्यालय गांधी भवन में जश्न मनाया जा रहा

कांग्रेस की तेलंगाना इकाई के प्रमुख रेवंत रेड्डी कामारेड्डी और कोडंगल दोनों सीट पर आगे हैं। केसीआर के बेटे और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव अपने निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी के के महेंद्र रेड्डी से 25,296 मतों से आगे हैं। विधानसभा चुनाव लड़ रहे भाजपा के तीनों लोकसभा सदस्य अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से पीछे हैं। भाजपा के सांसद बंदी संजय कुमार 10वें दौर के बाद अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं बीआरएस के जी कमलाकर रेड्डी से 6,349 वोटों से पीछे हैं। निजामाबाद के सांसद डी अरविंद 11वें दौर के बाद अपने प्रतिद्वंद्वी एवं बीआरएस नेता कल्वाकुंतला संजय से 7,190 मतों से पीछे हैं और 13वें दौर के बाद सोयम बापूराव बीआरएस के अनिल जादव से 15,330 मत से पीछे है। कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन से उत्साहित पार्टी कार्यकर्ता जश्न मना रहे है। रेवंत रेड्डी के आवास और यहां पार्टी की राज्य इकाई के मुख्यालय में खुशी का माहौल है। पार्टी कार्यालय गांधी भवन में जश्न मनाया जा रहा है और कार्यकर्ताओं को पटाखे फोड़ते और ‘जय कांग्रेस' तथा ‘रेवंत अन्ना जिंदाबाद' के नारे लगाते देखा गया। रेवंत रेड्डी के आवास पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि रेड्डी के रविवार दोपहर गांधी भवन पहुंचने की उम्मीद है। 

रेड्डी ने जीत की आहट को महसूस करते हुए ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘बीत चुके कल, आज और आने वाले कल आप मेरी ताकत हैं..कांग्रेस तेलंगाना की रक्षा के लिए आगे बढ़ गई है।'' वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी सांसद एन उत्तम कुमार रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी पार्टी करीब 70 सीट जीतेगी। उन्होंने राज्य में कांग्रेस की सफलता का श्रेय सत्तारूढ़ बीआरएस के कथित भ्रष्टाचार के अलावा राहुल गांधी के नेतृत्व वाले अभियान को दिया। एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा की गई ‘भारत जोड़ो यात्रा' राज्य में एक बड़ी सफलता थी और उनके अभियान से पार्टी को बहुत मदद मिली। उन्होंने कहा कि बीआरएस द्वारा कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त का कोई सवाल नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करेंगे, उत्तम कुमार ने जवाब दिया, ‘‘विवादास्पद सवाल न पूछें।'' 

उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे। निवर्तमान विधानसभा में बीआरएस के 101 सदस्य, एआईएमआईएम के सात, कांग्रेस के पांच और भाजपा के तीन सदस्य हैं। इसके अलावा ‘ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक' का एक विधायक है। विधानसभा में एक निर्दलीय विधायक है और एक सीट रिक्त है। दक्षिणी राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल को साधारण बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 60 सीट जीतनी होंगी। के. चन्द्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस 2014 में तेलंगाना को राज्य का दर्जा दिए जाने के बाद से सत्ता पर काबिज है। इसने 2018 का चुनाव भी जीता था। पार्टी इस बार भी लगातार तीसरी बार जीत की उम्मीद कर रही थी। कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल को सत्ता से हटाने के उद्देश्य से पूरे जोर-शोर से चुनाव प्रचार अभियान चलाया था। भाजपा ने भी अपने प्रचार अभियान के दौरान सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ तीखा हमला किया था। 


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News Editor

Rahul Singh

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