Tahawwur Rana Extradition: 26/11 का गुनहगार तहव्वुर राणा के बाद अगला नंबर किसका? अभी भी इन आतंकियों की भारत को है तलाश

punjabkesari.in Friday, Apr 11, 2025 - 01:04 PM (IST)

नेशलन डेस्क: मुंबई हमले का जिक्र आते ही आज भी रूह कांप जाती है। 26 नवंबर 2008 को जब पाकिस्तान से आए आतंकियों ने मुंबई को खून में डुबो दिया था, तब देश की सांसें थम गई थीं। अब 15 साल बाद इस केस में भारत को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अमेरिका ने 26/11 साजिश के आरोपी तहव्वुर राणा को भारत को सौंप दिया है। राणा की गवाही से उस जाल की परतें खुल सकती हैं जिसमें पाकिस्तान, लश्कर और आईएसआई का गहरा नेटवर्क जुड़ा है।

कौन है तहव्वुर राणा और क्यों है अहम?

तहव्वुर राणा एक पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो अमेरिका में रह रहा था। उसका सबसे करीबी दोस्त था डेविड कोलमैन हेडली, वही हेडली जिसने मुंबई हमले की रेकी की और हमलावरों को टारगेट तय करने में मदद की। हेडली पहले ही अमेरिकी अदालत में सरकारी गवाह बन चुका है लेकिन अब राणा के बयान से वो सच सामने आ सकता है जो अब तक छुपा था।

राणा से किन-किन चेहरों का पर्दाफाश हो सकता है?

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हाफिज सईद – मास्टरमाइंड

हेडली ने बयान में साफ कहा था कि हाफिज सईद ही इस हमले का ब्रेन था। राणा के पास उसके साथ की बातचीत, प्लानिंग और ट्रेनिंग की जानकारी हो सकती है।

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जकीउर रहमान लखवी – ऑपरेशन कमांडर

लखवी ने 10 आतंकियों का चयन किया था और हमले के दौरान कराची से उन्हें निर्देश दिए। राणा से उसके कम्युनिकेशन का खुलासा हो सकता है।

सज्जाद मीर – ट्रेनर

हेडली ने इस नाम का कई बार ज़िक्र किया। राणा के पास मीर की भूमिका, ट्रेनिंग कैंप्स और आतंकी तैयारियों से जुड़ी जानकारी हो सकती है।

मेजर इकबाल – ISI अफसर

यह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का अफसर था जो इस साजिश में हेडली को फंडिंग और संसाधन देता था। राणा से इसकी भी पुष्टि हो सकती है कि आईएसआई ने कैसे हमले को अंजाम तक पहुंचाया।

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इलियास कश्मीरी – अल-कायदा कनेक्शन

राणा से यह भी पता चल सकता है कि इस हमले में अल-कायदा की क्या भूमिका थी और कैसे भारत में अस्थिरता फैलाने की साजिश रची गई।

राणा, वो गवाह जो पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब कर सकता है

अब तक पाकिस्तान 26/11 की साजिश में अपनी भूमिका से इनकार करता रहा है। लेकिन राणा जैसे प्रत्यक्षदर्शी और साजिश के सहभागी की गवाही इस झूठ को दुनिया के सामने उजागर कर सकती है। यह भारत की कूटनीतिक और न्यायिक बड़ी जीत मानी जा रही है।

भारत सरकार की अगली रणनीति क्या है?

राणा के खिलाफ भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पहले ही चार्जशीट दाखिल कर रखी है। अब उसके भारत पहुंचने के बाद पूछताछ शुरू हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में उसकी गवाही पर कई नई गिरफ्तारियां और खुलासे हो सकते हैं।

अब अगला नंबर किसका?

भारत सरकार की नजर अब उन आतंकियों और साजिशकर्ताओं पर है जो अभी भी पाकिस्तान में खुले घूम रहे हैं। भारत चाहता है कि हाफिज सईद, लखवी, सज्जाद मीर और अन्य आरोपियों को भी जल्द सजा दिलाई जाए। इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिशें तेज़ कर दी गई हैं।


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Content Editor

Ashutosh Chaubey

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