Swaasa AI App: हेल्थ सेक्टर में आने वाला बड़ा बदलाव, अब खांसी रिकॉर्ड करते ही मिलेगी फेफड़ों की हेल्थ रिपोर्ट

punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 06:49 PM (IST)

नेशनल डेस्क: भारत में हेल्थ टेक्नोलॉजी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। अब फेफड़ों की शुरुआती जांच के लिए अस्पताल की लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत कम हो सकती है। All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) के डॉक्टरों द्वारा परीक्षण के बाद मंजूरी पाए Swaasa AI App ने यह साबित किया है कि सिर्फ खांसी और सांस की आवाज से भी फेफड़ों की सेहत का शुरुआती आकलन संभव है। यह ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए सांस से जुड़ी बीमारियों की स्क्रीनिंग करता है और कुछ ही सेकंड में संभावित जोखिम का संकेत दे देता है।

 क्या है Swaasa AI App?
Swaasa AI App एक AI आधारित मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे फेफड़ों और सांस संबंधी बीमारियों की शुरुआती पहचान (Screening) के लिए तैयार किया गया है। यह ऐप मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म का उपयोग कर यूजर की खांसी, सांस या आवाज में मौजूद विशेष पैटर्न को पहचानता है। इन पैटर्न के आधार पर यह संभावित फेफड़ों की स्थिति का विश्लेषण करता है और जोखिम स्तर बताता है।

 कैसे काम करता है यह App?

इस ऐप का इस्तेमाल बेहद आसान रखा गया है ताकि आम लोग भी इसका लाभ उठा सकें। इसकी प्रक्रिया कुछ इस प्रकार है:

  • यूजर ऐप खोलकर अपनी खांसी या सांस की आवाज रिकॉर्ड करता है।
  • रिकॉर्डिंग AI सिस्टम में प्रोसेस होती है।
  • एल्गोरिद्म ऑडियो पैटर्न का विश्लेषण करता है।
  • कुछ ही सेकंड में संभावित जोखिम और फेफड़ों की स्थिति की रिपोर्ट स्क्रीन पर दिखाई देती है।
  • यदि कोई असामान्यता पाई जाती है, तो डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी जाती है।

  किन लोगों के लिए है उपयोगी?

यह ऐप विशेष रूप से इन लोगों के लिए मददगार हो सकता है:

  • अस्थमा या COPD से पीड़ित मरीज
  • बार-बार खांसी या सांस फूलने की समस्या वाले लोग
  • बुजुर्ग
  • प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग
  • संक्रमण के बाद रिकवरी कर रहे मरीज
  • जिन्हें नियमित मॉनिटरिंग की जरूरत होती है

 Swaasa AI App के प्रमुख फायदे

  • घर बैठे शुरुआती स्क्रीनिंग
  • समय पर चेतावनी मिलने की सुविधा
  • आसान और तेज उपयोग
  • डिजिटल हेल्थ मॉनिटरिंग सपोर्ट
  • अस्पताल जाने की जरूरत में संभावित कमी

 जरूरी सावधानी

हालांकि Swaasa AI App एक उन्नत स्क्रीनिंग टूल है, लेकिन यह डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं है। अगर ऐप किसी समस्या का संकेत देता है या सांस संबंधी दिक्कत लगातार बनी रहती है, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।

 हेल्थ सेक्टर में डिजिटल क्रांति

AI आधारित यह पहल भविष्य में हेल्थ मॉनिटरिंग को और सरल बना सकती है। खासकर ग्रामीण या दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह तकनीक बड़ी राहत साबित हो सकती है।


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Content Editor

Anu Malhotra

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