AI Impact Summit में PM Modi की 18 बड़ी बातें: नौकरियां खत्म नहीं, 'अपग्रेड' हो रही हैं...
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 06:58 PM (IST)
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 16 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित India AI Impact Summit का उद्घाटन किया। इस समिट में दुनियाभर के टेक लीडर्स और स्टार्टअप्स शामिल हैं, जो 20 फरवरी तक AI के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पर विचार करेंगे। पीएम मोदी ने इस अवसर पर भारत को दुनिया के शीर्ष तीन AI सुपरपावर में शामिल करने और विकसित भारत 2047 के अपने विजन को लेकर अहम बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानव क्षमताओं को बढ़ाने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने का एक सिविलाइजेशनल टूल है।
AI समिट में पीएम मोदी की 18 बड़ी बातें
- तकनीक मानवता की सेवा के लिए है, इसे बदलने के लिए नहीं।
- हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है: AI को वैश्विक विकास को तेज करना चाहिए, लेकिन हमेशा मानव-केंद्रित रहना चाहिए।
- हम केवल प्रतिभा का पोषण नहीं कर रहे, बल्कि भारत को एआई क्रांति में भाग लेने से इसे आकार देने तक ले जाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, नीति और कौशल आधार भी तैयार कर रहे हैं।
- हम चाहते हैं कि हमारा IT Sector केवल सेवा प्रदाता के रूप में नहीं, बल्कि एआई उत्पादों, प्लेटफ़ॉर्म और समाधान बनाने में दुनिया और भारत का नेतृत्व करे।
- मैं AI को एक शक्तिवर्धक के रूप में देखता हूं, जो हमारी संभावनाओं की सीमाओं को और आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
- मेरा दृष्टिकोण है कि भारत वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन AI महाशक्तियों में शामिल होना चाहिए, न केवल AI के उपभोक्ता के रूप में बल्कि निर्माता के रूप में भी।
- हमारे AI मॉडल विश्वभर में तैनात किए जाएंगे, अरबों लोगों को उनकी मूल भाषाओं में सेवा देंगे। हमारी AI Startup कंपनियों का मूल्य सैकड़ों अरब डॉलर में होगा और यह लाखों उच्च-गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा करेगा।
- आत्मनिर्भर भारत का मतलब है कि भारत डिजिटल सदी के लिए अपना खुद का कोड लिख रहा है।
- इंडिया Ai Mission के माध्यम से हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोड हमारे मूल्यों को दर्शाए, हमारे लोगों की सेवा करे, और भारत को विश्व के लिए जिम्मेदार एआई नेता के रूप में स्थापित करे।
- जब दुनिया AI को विभाजन बढ़ाने वाला मान रही है, भारत इसका इस्तेमाल विभाजन को खत्म करने के लिए कर रहा है।
- भारत में एआई महाशक्ति बनने के लिए प्रतिभा और उद्यमिता की ऊर्जा है, केवल उपभोक्ता के रूप में नहीं, बल्कि निर्माता के रूप में भी।
- हम अपनी प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी के हर प्रयास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि एआई नवाचार और समावेशन के लिए एक शक्तिवर्धक बने।
- जबकि AI मानव क्षमताओं को बढ़ा सकता है, अंतिम निर्णय लेने की जिम्मेदारी हमेशा मानवों पर ही रहनी चाहिए।
- दुनिया को AI में सामान्य सिद्धांतों और मानकों की दिशा में काम करना चाहिए।
- काम तकनीक के कारण गायब नहीं होता, इसका स्वरूप बदलता है और नई तरह की नौकरियां उत्पन्न होती हैं।
- इतिहास हमें सिखाता है कि जब भी नवाचार होता है, नए अवसर उत्पन्न होते हैं। एआई युग में भी यही सच होगा।
- आत्मनिर्भर भारत में AI के लिए मेरा दृष्टिकोण तीन स्तंभों पर आधारित है: संप्रभुता, समावेशिता और नवाचार।
- आत्मनिर्भर भारत का मतलब है कि भारत डिजिटल सदी के लिए अपना खुद का कोड लिख रहा है।
