4.5 लाख मौतों का खतरा, 'सुपर अल नीनो' का खौफनाक रूप: रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कई देश निशाने पर
punjabkesari.in Thursday, Sep 24, 2026 - 06:19 PM (IST)
नई दिल्ली: एक नई चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें बताया गया है कि अल नीनो की वजह से पड़ने वाली भीषण गर्मी से फरवरी तक दुनिया भर में लगभग 5 लाख लोगों की जान जा सकती है।
दरअसल, यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो की क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब के रिसर्चर्स ने बुधवार को कहा कि इस साल के 'सुपर-अल नीनो' की वजह से पड़ने वाली भीषण गर्मी से फरवरी 2027 के बीच दुनिया भर में 4,51,000 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं।
20 साल बाद की गर्मी आज देखने का खतरा
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले महीनों में वैश्विक भू-भाग का तापमान सामान्य से करीब 1.2 डिग्री सेल्सियस (2.1 फ़ारेनहाइट) अधिक रह सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह स्थिति बिल्कुल वैसी ही है जैसी जलवायु परिवर्तन के कारण आज से 20 साल बाद होने का अनुमान जताया गया था। इसके चलते सामान्य वर्षों की तुलना में अत्यधिक गर्मी वाले दिनों की संख्या में 44% की वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों ने इसे "हमारे भविष्य की एक झलक" करार दिया है, जो दुनिया के ढलने से पहले ही सामने आ गई है।
सितंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच अत्यधिक गर्मी से होने वाली मौतों का सबसे ज़्यादा असर नाइजीरिया पर पड़ने की संभावना है, जहां 31,400 मौतें हो सकती हैं, इसके बाद इंडोनेशिया में 19,300 और सूडान में 17,600 मौतें हो सकती हैं।
We could be heading for a "Super El Niño"🦸🌀
— UNDRR (@UNDRR) September 18, 2026
El Niño is declared when Pacific temperatures rise 0.5°C above average. Forecasts suggest 2026 could see rises of 2–3°C.
Find out how the @IFRC is getting to reduce humanitarian impacts ➡️ https://t.co/kiFAwf17SM pic.twitter.com/GkxEKJ98ii
अफ्रीका के साहेल क्षेत्र (जिसमें नाइजर, चाड, नाइजीरिया और सूडान शामिल हैं) में गर्मी के कारण छह महीने की अवधि में 66,800 अतिरिक्त मौतें होने की संभावना है। रिसर्चर्स का अनुमान है कि फिलीपींस, वियतनाम, थाईलैंड और कंबोडिया में कुल मिलाकर 19,400 अतिरिक्त मौतें हो सकती हैं। अगर अल नीनो 2027 तक जारी रहता है, तो अतिरिक्त मौतों की संख्या और भी बढ़ सकती है; उत्तरी गोलार्ध के प्रमुख क्षेत्रों, जिनमें भारत और पाकिस्तान शामिल हैं, पर गर्मियों के महीनों में इसका सबसे ज़्यादा असर पड़ने की आशंका है।
रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्मी से होने वाली ये मौतें अल नीनो की वजह से होने वाली अन्य भीषण मौसम की घटनाओं -जैसे आग, बाढ़ और सूखे - से होने वाली मौतों के अलावा होंगी।
क्लाइमेट इम्पैक्ट लैब ने इस साल के अल नीनो को 'भविष्य की एक झलक' बताया है, क्योंकि इससे ऐसे तापमान देखने को मिल रहे हैं जो कुछ ही दशकों में सामान्य हो जाएंगे। लैब ने कहा कि आने वाले महीनों में गर्मी से होने वाली मौतों से निपटने के लिए ज़्यादा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आपातकालीन उपाय किए जाने चाहिए।
#IGR: Super El Niño Could Bring 450,000 Additional Heat Deaths In Next Six Months
— India Global Review (@IGR_Media) September 23, 2026
A powerful El Niño is pushing temperatures to unprecedented levels, with climate scientists warning of a major human toll in the months ahead.
More than 450,000 additional heat-related deaths are… pic.twitter.com/nQQNYbKGaX
यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो के अर्थशास्त्री और लैब के सह-संस्थापक माइकल ग्रीनस्टोन ने कहा, "यह रिपोर्ट निर्णय लेने वालों को यह समझने में मदद करती है कि आने वाले महीनों में हज़ारों जानें बचाने के लिए अभी कहां आपातकालीन कदम उठाए जा सकते हैं।"
