अजित पवार विमान हादसा: सुनेत्रा पवार ने सीबीआई जांच की मांग की, फडणवीस से मुलाकात
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 08:34 PM (IST)
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। Nationalist Congress Party (NCP) के वरिष्ठ नेताओं ने पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में हुई मौत की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग उठाई है। यह मामला 28 जनवरी 2026 को बारामती के पास हुए विमान हादसे से जुड़ा है, जिसमें अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की जान चली गई थी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात, CBI जांच की मांग
मंगलवार को एनसीपी का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis से मिला और उन्हें औपचारिक ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, सांसद प्रफुल्ल पटेल, सांसद सुनील तटकरे, मंत्री हसन मुश्रीफ और युवा नेता पार्थ पवार शामिल थे।
सांसद सुनील तटकरे ने बताया कि पार्टी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच Central Bureau of Investigation (CBI) से कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वे इस विषय में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखेंगे और आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
क्या हुआ था 28 जनवरी को?
28 जनवरी 2026 को मुंबई से बारामती जा रहा एक चार्टर्ड लियरजेट 45 (VT-SSK) बारामती एयरपोर्ट पर उतरते समय नियंत्रण खो बैठा। विमान रनवे से फिसलकर खुले क्षेत्र में जा गिरा और उसमें आग लग गई। इस दुर्घटना में अजित पवार के अलावा उनके सुरक्षा कर्मी विदीप जाधव, पायलट सुमित कपूर, सह-पायलट शंभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बताया गया कि अजित पवार स्थानीय चुनावी कार्यक्रम से संबंधित बैठक के लिए बारामती जा रहे थे।
जांच में नया मोड़: ब्लैक बॉक्स क्षतिग्रस्त
ताजा जानकारी के अनुसार नागरिक उड्डयन मंत्रालय और Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने पुष्टि की है कि विमान के दोनों फ्लाइट रिकॉर्डर आग की वजह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक रिकॉर्डर से आंशिक डेटा निकाला गया है, जबकि दूसरे से जानकारी हासिल करने के लिए विदेशी तकनीकी सहायता ली जा रही है।
इसी बीच अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने प्रेस वार्ता में इस दुर्घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकती और साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
एनसीपी नेताओं की ओर से CBI जांच की मांग ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और पारदर्शी जांच की मांग जोर पकड़ रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच एजेंसियां अंतिम निष्कर्ष तक कब पहुंचती हैं।
