CTET Exam Controversy: परीक्षा केंद्रों पर महिलाओं से उतरवाया गया मंगलसूत्र, छत्रपति संभाजीनगर में हंगामा, CM ने दिए जांच के आदेश
punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 09:01 PM (IST)
नेशनल डेस्क:महाराष्ट्र में CTET परीक्षा 2026 के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। 8 फरवरी 2026 को आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा के दिन छत्रपति संभाजीनगर के कई परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच के नाम पर विवाहित महिला उम्मीदवारों से मंगलसूत्र और अन्य धातु के आभूषण हटवाए गए, जिससे परीक्षा से पहले ही तनाव और नाराजगी का माहौल बन गया।
सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक चलने वाली परीक्षा के लिए उम्मीदवारों को 8 बजे रिपोर्टिंग का निर्देश था। इसी दौरान प्रवेश द्वार पर जांच कर रहे सुरक्षाकर्मियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी मेटल आइटम परीक्षा कक्ष में ले जाना प्रतिबंधित है।
महिला परीक्षार्थियों को हुई परेशानी
कई महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि एडमिट कार्ड या आधिकारिक निर्देशों में मंगलसूत्र का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। कुछ महिलाओं ने गहने परिजनों को दे दिए। कई केंद्रों पर सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसी बात को लेकर बहस, देरी और मानसिक तनाव की स्थिति बनी। महिलाओं का कहना था कि मंगलसूत्र सिर्फ गहना नहीं, बल्कि वैवाहिक और धार्मिक प्रतीक है, जिसे उतारने पर उन्हें अपमान महसूस हुआ।
CTET के नियम क्या कहते हैं?
CBSE द्वारा जारी CTET गाइडलाइंस के अनुसार परीक्षा हॉल में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, ज्वेलरी और मेटल आइटम प्रतिबंधित हैं। इसका उद्देश्य नकल और अनुचित साधनों को रोकना है। हालांकि, परीक्षा समन्वयकों ने माना कि नियमों की सही जानकारी और स्पष्ट कम्युनिकेशन की कमी से यह स्थिति पैदा हुई।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और सरकार का एक्शन
इस मुद्दे ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। शिवसेना (UBT) नेता अंबादास दानवे ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि “महिलाओं की गरिमा और संस्कृति की बात करने वाली सरकार में परीक्षा देने आई महिलाओं से मंगलसूत्र उतरवाया जा रहा है।” मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत जांच के आदेश दिए और भरोसा दिलाया कि यदि किसी स्तर पर अति या लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा बनाम संवेदनशीलता पर सवाल
यह घटना एक बार फिर परीक्षा सुरक्षा और सांस्कृतिक सम्मान के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ रही है। महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि नियम जरूरी हैं, लेकिन पूर्व सूचना और संवेदनशील व्यवहार भी उतना ही अहम है। अब सभी की नजरें
सरकारी जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।
