लग्जरी लाइफ छोड़ नॉर्वे का मेयर भारत में चला रहा ऑटो: देसी अंदाज देख लोग हैरान, बोले-ये तो सच में डाउन टू अर्थ निकला(Video)
punjabkesari.in Wednesday, Oct 07, 2026 - 04:06 PM (IST)
New Delhi: आमतौर पर किसी यूरोपीय देश के मेयर की कल्पना महंगी कार और सुविधाओं से घिरे व्यक्ति के रूप में की जाती है, लेकिन नॉर्वे के पोरसैंजर शहर के मेयर जो इंगे हेसजेविक इन दिनों भारत में बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। वह किसी लग्जरी गाड़ी में नहीं, बल्कि ऑटो रिक्शा यानी टुक-टुक खुद चलाकर भारत घूम रहे हैं। उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। गुजरात के चिंतन मौर्य ने भी उनका वीडियो साझा किया, जिसमें वह गुजरात के लिमड़ी में ऑटो के साथ नजर आए। वीडियो में बताया गया कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए 61 विदेशी पर्यटक 37 ऑटो रिक्शा में भारत की यात्रा कर रहे हैं। वीडियो में चिंतन मौर्य ने बताया कि उनकी मुलाकात लिमड़ी में जो इंगे हेसजेविक से हुई। उन्होंने इंटरनेट पर उनकी पहचान की पुष्टि की और पाया कि वह नॉर्वे के पोरसैंजर शहर के मेयर हैं। वीडियो में मेयर के ऑटो से सफर करने को लेकर उनके सादगी भरे अंदाज की चर्चा की गई।
Watch | 61 people from all over the world are on Kochi to Jaisalmer journey in 37 Indian autorickshaws. A vlogger Chintan Matiya spotted Norwegian Politician and Mayor of Porsanger city, Jo Inge Hesjevik among them in Gujarat and described how humbly he's moving around in India https://t.co/odvixSQxB5
— DeshGujarat (@DeshGujarat) October 6, 2026
सोशल मीडिया पर भी लोग उनके इस सफर को पसंद कर रहे हैं और उन्हें ‘डाउन टू अर्थ’ बता रहे हैं। जो इंगे हेसजेविक ने खुद भी सोशल मीडिया पर भारत यात्रा की कई तस्वीरें और जानकारी साझा की है। जैसलमेर की एक तस्वीर में वह अपने साथी के साथ ऑटो रिक्शा में बैठे दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि वह भारत में अपना रिक्शा खुद चला रहे हैं और अब तक करीब 1,400 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुके हैं। उनके मुताबिक, यात्रा के दौरान उन्हें बंगाल के दक्षिणी छोर तक पहुंचने के लिए करीब 2,900 किलोमीटर और सफर करना था। यानी यह सिर्फ घूमने-फिरने की यात्रा नहीं है, बल्कि विदेशी पर्यटकों का एक लंबा सड़क अभियान है, जिसमें वे भारत को ऑटो रिक्शा के जरिए करीब से देखने की कोशिश कर रहे हैं। भारत में ऑटो से सफर करना पूरी तरह आसान भी नहीं रहा। गोवा की यात्रा के बारे में हेसजेविक ने बताया कि वे वहां से सुरक्षित निकल गए, लेकिन उनके ऑटो का एक साइड शीशा टूट गया और कुछ पुर्जे ढीले पड़ गए।
इसके बावजूद यात्रा जारी रही। उनके सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि इस सफर का मकसद सिर्फ भारत घूमना ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक उद्देश्य से जुड़ा योगदान भी है। हेसजेविक ने अपनी एक पोस्ट में बताया कि ऑटो यात्रा में शामिल कई लोग अपने उद्देश्य के लिए चंदा जुटाने की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद इस व्यवस्था में बहुत माहिर नहीं हैं, इसलिए उन्होंने सीधे दान दिया और इसके लिए एक लिंक भी साझा किया, ताकि इच्छुक लोग योगदान कर सकें।इस पूरे अभियान ने विदेशी पर्यटकों के भारत घूमने के एक अलग ही अंदाज को सामने रखा है। महंगी गाड़ियों और तय पर्यटन मार्गों से अलग ये लोग ऑटो रिक्शा के जरिए शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों से गुजर रहे हैं। जो इंगे हेसजेविक का ऑटो चलाते हुए भारत घूमना अब सोशल मीडिया पर लोगों के लिए खास आकर्षण बन गया है। खासकर इसलिए क्योंकि वह खुद एक शहर के निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और इसके बावजूद भारत में बेहद साधारण तरीके से सड़क यात्रा कर रहे हैं। उनकी यात्रा से जुड़े वीडियो और तस्वीरों में भारत के अलग-अलग हिस्सों का अनुभव भी देखने को मिल रहा है। ऑटो खराब होने जैसी छोटी परेशानियों के बावजूद यात्रा जारी रखना इस अभियान को और दिलचस्प बना रहा है।
