महिला आरक्षण से संबद्ध संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने पर शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधा

punjabkesari.in Saturday, Apr 18, 2026 - 12:12 AM (IST)

नेशनल डेस्क : वर्ष 2029 के संसदीय चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए लाए गए संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने पर कांग्रेस और उसके सहयोगियों की आलोचना करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि उनकी मानसिकता न तो महिलाओं के हित में है और न ही देश के हित में। लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया।

लोकसभा में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। विधेयक पर मत विभाजन में 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस विधेयक को पारित करने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत के हिसाब से 352 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता थी। शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, "महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।'' उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, ''आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन विधेयक को कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया।''

शाह ने कहा, ''अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है। उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के।'' उन्होंने कहा, ''मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहाँ नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी। विपक्ष को 'महिलाओं का आक्रोश' न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।''

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ''देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है? विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे?'' उन्होंने कहा, ''कई बार विजय जैसी प्रतीत होने वाली अहंकार की खुशी, असलियत में छिपी हुई एक बड़ी पराजय होती है, जिसे कुछ लोग समझ नहीं पाते।''


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News Editor

Parveen Kumar

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