IMD Warning: सावधान! 10 जनवरी तक नहीं मिलेगी राहत, IMD ने इन राज्यों भीषण शीतलहर का अलर्ट किया जारी
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 12:53 PM (IST)
IMD Cold Wave Alert : उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के 'डबल अटैक' का सामना कर रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों में गलन और बढ़ेगी। तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है जिससे मैदानी इलाकों में रातें जमाव बिंदु के करीब पहुंच गई हैं।
मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में ठंड का शिकंजा और कसेगा। राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 10 जनवरी तक स्थिति बेहद गंभीर बनी रहेगी। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 जनवरी तक घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुंच सकती है। अगले 4-5 दिनों में पारा 2 से 5 डिग्री सेल्सियस और गिर सकता है।
स्कूलों की छुट्टियों और समय में बदलाव
भीषण ठंड को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं:
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छुट्टियों का विस्तार: दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और यूपी के कई जिलों में प्राथमिक स्तर (कक्षा 8वीं तक) के स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं।
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समय में परिवर्तन: जिन शहरों में स्कूल खुले हैं वहां सुबह की पाली के समय में बदलाव किया गया है ताकि छात्रों को सुबह की जानलेवा ठंड से बचाया जा सके।
यातायात और प्रदूषण की मार
ठंड के साथ-साथ कोहरे और प्रदूषण ने राजधानी दिल्ली की स्थिति बिगाड़ दी है, कम दृश्यता के कारण दर्जनों ट्रेनें देरी से चल रही हैं और कई उड़ानों को डायवर्ट या रद्द करना पड़ा है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 240 से 350 के बीच यानी 'खराब' श्रेणी में बना हुआ है जो सांस के मरीजों के लिए खतरनाक है।
ग्रामीण इलाकों और फसलों पर संकट
शहरों की तुलना में खुले और ग्रामीण इलाकों में हालात और भी खराब हैं:
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रिकॉर्ड तोड़ ठंड: ग्रामीण क्षेत्रों में पारा शहरों के मुकाबले कहीं अधिक नीचे है जिसे अक्सर सरकारी रिकॉर्ड दर्ज नहीं कर पाते।
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पाले का खतरा: रात के समय ओस जमने (पाला पड़ने) से रबी की फसलों (जैसे सरसों और गेहूं) को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
राहत की उम्मीद कब?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 10 जनवरी के बाद एक नया 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) सक्रिय हो सकता है। इससे कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है जिससे तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी और लोगों को भीषण शीतलहर से कुछ राहत मिल सकेगी।



