उफ्फ! यह गर्मी...कई जगहों में 47 डिग्री पार जा सकता है पारा, दिल्ली में टूटा 12 साल का रिकॉर्ड

punjabkesari.in Friday, Apr 29, 2022 - 08:40 AM (IST)

नेशनल डेस्क: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के बड़े हिस्से में जारी लू के प्रकोप में अगले पांच दिनों में और वृद्धि का अनुमान जताते हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए “ऑरेंज” अलर्ट जारी किया है जबकि उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की बात कही है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में और अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी भारत में लू का प्रकोप बना रहेगा।

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विभाग ने कहा, “अगले दो दिनों के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की आशंका है और उसके बाद कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं होगा।” राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लिए अगले चार दिनों तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली में शुक्रवार को ‘ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है और शहरवासियों को भीषण गर्मी की चेतावनी दी है। 

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दिल्ली में टूटा 12 साल का रिकॉर्ड
दिल्ली ने बुधवार को भीषण गर्मी का सामना किया और सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तामपान 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो गत 12 साल में अप्रैल महीने में सबसे अधिक है। राष्ट्रीय राजधानी में इससे पहले 18 अप्रैल 2010 को सबसे अधिक 43.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था जबकि 29 अप्रैल 1941 को अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री दर्ज किया गया था जो अप्रैल महीने में अब तक का सर्वाधिक तापमान का रिकॉर्ड है।

 

क्या हैं IMD चार रंगों का अलर्ट
मौसम की चेतावनी के लिए IMD चार रंग के संकेतकों का उपयोग करता है - हरा (कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं), येलो (देखें और जानकारी लेते रहें), ऑरेज (तैयार रहें), और लाल (कार्रवाई करें)। 

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47 डिग्री तक जा सकता है पारा
मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में पारा 47 डिग्री सेल्सियस के पार तक पहुंच सकता है। स्वतंत्र मौसम विज्ञानी नवदीप दहिया ने कहा, “चुरू, बाड़मेर, बीकानेर और श्री गंगानगर जैसे स्थानों पर अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस सामान्य है, लेकिन उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अप्रैल के अंत तक 45-46 डिग्री सेल्सियस काफी असामान्य है।” 

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IMD ने दी यह सलाह
IMD ने कहा कि लू प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशील लोगों - शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए ‘मध्यम' स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को जन्म दे सकती है। 
“इसलिए इन क्षेत्रों के लोगों को गर्मी के संपर्क से बचना चाहिए, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए और टोपी, छतरी आदि से सिर का बचाव करना चाहिए।”  IMD के एक परामर्श में कहा गया, “उन लोगों में गर्मी की बीमारी के लक्षणों की संभावना बढ़ जाती है जो या तो लंबे समय तक धूप के संपर्क में रहते हैं या मेहनत वाला काम करते हैं।”

 

बता दें कि मैदानी इलाकों में जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक और सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होता है तब लू जैसे हालात की घोषणा की जाती है। मौसम विभाग के अनुसार भीषण लू की घोषणा तब की जाती है जब तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो। पूर्ण रिकॉर्ड किए गए तापमान के आधार पर, लू तब घोषित की जाती है जब कोई क्षेत्र अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज करता है। यदि तापमान 47 डिग्री के निशान को पार कर जाता है तो भीषण लू की घोषणा की जाती है।


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Content Writer

Seema Sharma

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