NIT जालंधर में SCEEF Conclave का आयोजन, SC समाज के आर्थिक सशक्तिकरण पर मंथन
punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 11:29 PM (IST)
नेशनल डेस्क : आज 11 अगस्त 2026 को NIT Jalandhar में अनुसूचित जाति एकता सशक्तिकरण फ़ोरम, (सीफ़) द्वारा "SCEEF Conclave" का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव का आयोजन अनुसूचित जाति समाज के आर्थिक सशक्तिकरण, उधमिता को बढ़ावा देने तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया। इस कॉन्क्लेव में समाज के गणमान्य व्यक्तियों, चिंतकों, सामाजिक संगठनों के प्रमुखों ने भाग लिया।
इसमें प्रमुख रूप से सरदार जसबीर सिंह गढ़ी (चेयरमैन एस सी कमीशन,पंजाब) एवं डॉ. पार्थ विश्वास (मेंबर, राष्ट्रीय एस सी कमीशन) उपस्थित रहे। सरदार गढ़ी जी ने डॉ. अंबेडकर द्वारा लिखे गए साहित्य को पढ़ने पर जोर दिया और कहा कि उसे ही आधिकारिक रूप से सही दिशा माना जाए , किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उन पर लिखी बात पर विश्वास न करें।
सरदार गढ़ी ने बताया कि डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर पूरे समाज के नायक हैं न केवल किसी एक विशेष समुदाय के। उन्होंने बताया कि शूद्र सूर्यवंशी समुदाय की संतानें हैं ,यह उन्होंने खुद अपनी पुस्तक who were shudras में लिखा है । उन्होंने who were untouchables और original writting and speeches आदि ग्रंथों से भी कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण दिए ।
डॉ पार्था विश्वास ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचारों के भारत को साकार करने के लिए अनुसूचित जाति समुदाय के युवाओं एवम् उधमियों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध करवाना आवश्यक है। कार्यक्रम में बोलते हुए प्रसिद्ध समाज सेवी डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने सामाजिक समानता और समरसता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की मूल विचारधारा में ही जात पात के लिए कोई जगह नहीं है। भारत दर्शन ही है जो दुनिया को प्रेम, भाईचारे और मानवता का पाठ सिखाता है।
इसी तरह बोलते हुए समाज सेवी प्रदीप जोशी जी ने कहा कि हमें सदगुरु श्री रविदास जी के 650वे प्रकाश पर्व के उपलक्ष में रविदास जी के समरसता के संदेश को प्रत्येक स्कूल, कॉलेज, गांव, गली तक पहुंचाने का संकल्प लेकर इस कार्य में लगना है ।
कार्यक्रम में पद्मश्री एवं साहित्य अकादमी अवार्ड से सम्मानित, पूर्व लोकसभा सांसद हँस राज हँस ने बोलते हुए कहा कि समरसता एवं समानता की बात तो हमारे ग्रंथों एवं गुरुओं की वाणी में भी मिलती है, किंतु उसको लागू कराने का काम डॉ बाबा साहेब अम्बेडकर ने किया । माननीय पूर्व सांसद जी ने एक देश भक्ति गीत भी इस मौके पर गाया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
