पटना हाई कोर्ट को मिलेगा नया चीफ जस्टिस, SC कॉलेजियम ने की जस्टिस वी. कामेश्वर राव की सिफारिश

punjabkesari.in Sunday, Aug 09, 2026 - 02:17 PM (IST)

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का अगला चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की है। कॉलेजियम ने यह फैसला 6 अगस्त 2026 को हुई बैठक में लिया। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने की। अगर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद नियुक्ति होती है, तो जस्टिस राव पटना हाई कोर्ट की कमान संभालेंगे। फिलहाल जस्टिस सुधीर सिंह पटना हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

चीफ जस्टिस सेवानिवृत हुईं

पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद 11 जुलाई 2026 को न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुआ था। इसके बाद जस्टिस सुधीर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई। अब कॉलेजियम की सिफारिश के बाद पटना हाई कोर्ट को स्थायी चीफ जस्टिस मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

कौन हैं जस्टिस वी. कामेश्वर राव?

जस्टिस वी. कामेश्वर राव ने 1990 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। जिसके बाद मार्च 1991 में उन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली में वकालत की। उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट और पोर्ट ब्लेयर स्थित कलकत्ता हाई कोर्ट की सर्किट बेंच के समक्ष भी मामलों में पैरवी की। इसके अलावा वह सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन, प्रिंसिपल बेंच, नई दिल्ली की कार्यकारिणी के सदस्य भी रह चुके हैं।

2013 में बने दिल्ली हाई कोर्ट के जज

जस्टिस कामेश्वर राव को अप्रैल 2013 में दिल्ली हाई कोर्ट का एडिशनल जज नियुक्त किया गया था। मार्च 2015 में उन्हें स्थायी जज बनाया गया। इसके बाद 2024 में उनका ट्रांसफर कर्नाटक हाई कोर्ट कर दिया गया। वहां उन्होंने मई 2025 में कार्यवाहक चीफ जस्टिस के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। बाद में 21 जुलाई 2025 को उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट वापस भेज दिया गया। दिल्ली हाई कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार 2026 में उन्होंने पीठासीन न्यायाधीश के रूप में काम किया।

पटना हाई कोर्ट में जजों की कमी

पटना हाई कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 53 है, जबकि वर्तमान में 43 जज कार्यरत हैं। ऐसे में नए चीफ जस्टिस के सामने अदालत में लंबित मामलों के निपटारे के साथ-साथ न्यायिक प्रशासन को मजबूत करने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।

अब आगे क्या होगा?

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। केंद्र सरकार की मंजूरी और राष्ट्रपति की नियुक्ति के बाद जस्टिस वी. कामेश्वर राव औपचारिक रूप से पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभाल सकेंगे। जस्टिस राव की नियुक्ति ऐसे समय में प्रस्तावित हुई है जब पटना हाई कोर्ट में जजों की संख्या स्वीकृत क्षमता से कम है। इसलिए उनके सामने अदालत की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने और लंबित मामलों के निपटारे की गति बढ़ाने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी।


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News Editor

Rahul Rana

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