UP के 8 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए आखिरी चेतावनी: 31 जनवरी तक करें यह काम, रुकेगी सैलरी और प्रमोशन
punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 01:31 PM (IST)
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को आखिरी अल्टीमेटम दिया है। अगर वे 31 जनवरी 2026 तक अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन जमा नहीं करते हैं, तो जनवरी की सैलरी रुकेगी और आगामी पदोन्नति प्रभावित हो सकती है।
कौन-कौन कर्मचारी प्रभावित हैं?
यह व्यवस्था सभी विभागों के सरकारी कर्मचारियों पर लागू है, जिसमें अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। प्रदेश में लगभग 8 लाख से अधिक कर्मचारी इस नियम के तहत आते हैं।
कानून और नियम
यह कदम उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1956 के Rules-24 और संबंधित सेवा नियमों के तहत अनिवार्य है। सभी कर्मचारियों को हर साल अपनी, पत्नी/पति और आश्रित परिवार के सदस्यों की चल-अचल संपत्तियों जैसे भूमि, मकान, वाहन, बैंक बैलेंस, निवेश और आभूषण आदि का पूरा विवरण देना होता है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, जवाबदेही सुनिश्चित करना और भ्रष्टाचार रोकना है।
संपत्ति विवरण जमा करने की अंतिम तिथि-
कर्मचारियों को यह विवरण 31 जनवरी 2026 तक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है।
नियम का पालन न करने पर कार्रवाई-
योगी सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी कर्मचारी को इस मामले में ढील नहीं दी जाएगी। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल के आदेशानुसार:-
-यदि 31 जनवरी तक संपत्ति विवरण नहीं जमा किया गया, तो जनवरी 2026 का वेतन रोक दिया जाएगा।
-आहरण-वितरण अधिकारी (DDO) को यह सुनिश्चित करना होगा कि केवल अपडेट किए गए कर्मचारियों का ही वेतन जारी किया जाए।
अनुशासनात्मक परिणाम
-1 फरवरी 2026 से होने वाली किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) में ऐसे कर्मचारियों का नाम शामिल नहीं किया जाएगा।
-प्रमोशन स्थायी रूप से प्रभावित हो सकता है।
-सेवा नियमों के अनुसार इसे प्रतिकूल आचरण माना जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली, 1999 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
विभागाध्यक्ष और नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी
सभी कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर लॉगिन करके Property Details या Property Declaration विकल्प चुनकर संपत्ति का प्रकार, स्थान और मूल्य दर्ज करना होगा।
विभागाध्यक्ष और नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि उनके अधीनस्थ कर्मचारी यह विवरण समय पर अपलोड करें।
