Births और Deaths के पंजीकरण के नियम होंगे सख्त, जन्म प्रमाण पत्र बनेगा सबसे अहम दस्तावेज
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 01:01 PM (IST)
Registration of Births and Deaths: सरकार ने Births and Deaths के Registration संबंधी कानून में संशोधन करने के प्रावधान वाले विधेयक बुधवार को लोकसभा में पेश किया। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया।
विपक्षी सदस्य प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ लाए गए लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। संसदीय प्रक्रिया के तहत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधेयक को पेश किए जाने का विरोध करने के लिए विपक्ष के कुछ सदस्यों के नाम पुकारे। हालांकि, कोई विपक्ष सदस्य नहीं बोला और इसके बाद नित्यानंद राय ने विधेयक पेश किया।
पंजीकरण के नियम होंगे सख्त
बीते 20 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दी थी। इस विधेयक का उद्देश्य Births और Deaths Registration Act, 1969 (2023 में संशोधित) की धारा 13(3) में और संशोधन करना है, ताकि विलंब से होने वाले पंजीकरण के प्रावधानों को और अधिक कड़ा बनाया जा सके।
मौजूदा प्रावधानों के तहत यदि Birthsऔर Deaths का पंजीकरण एक वर्ष से अधिक की देरी से कराया जाता है, तो इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) अथवा किसी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता होती है। विधेयक में देरी की अवधि के आधार पर दो-स्तरीय मंजूरी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
सबसे अहम होंगे ये दस्तावेज
भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए जन्म प्रमाण पत्र को एकमात्र मुख्य दस्तावेज बनाने का फैसला किया है। इससे अब स्कूलों और कॉलेजों में एडमिशन, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और सरकारी नौकरियों में आवेदन करने के लिए सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र ही काफी होगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे प्रमाण पत्र प्राप्त या डाउनलोड कर सकेंगे, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और समय की भी बड़ी बचत होगी।
