शॉर्ट सर्किट और आग पर लगेगी लगाम; किचन के लिए नए सुरक्षा नियम लागू, चिमनी की एयरफ्लो लिमिट तय, होगी सख्त टेस्टिंग

punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 01:29 PM (IST)

नेशनल डेस्क : देशभर के कमर्शियल गैस किचनों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने चिमनी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के मानकों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के तहत पहली बार किचन चिमनी के एयरफ्लो, प्रदर्शन और सुरक्षा से जुड़े न्यूनतम मानक तय किए गए हैं। इनका उद्देश्य शॉर्ट सर्किट, आग लगने जैसी घटनाओं को कम करना और किचन को अधिक सुरक्षित बनाना है। नए मानक जून 2026 से लागू हो चुके हैं।

पहली बार तय हुई एयरफ्लो की न्यूनतम सीमा
नए नियमों के तहत अब हर कमर्शियल किचन चिमनी को न्यूनतम एयरफ्लो और प्रदर्शन संबंधी परीक्षणों में सफल होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही चिमनी की हवा खींचने की क्षमता, धुआं और गंध बाहर निकालने की दक्षता तथा शोर के स्तर के लिए भी नए मानक तय किए गए हैं।

सुरक्षा मानकों को किया गया और सख्त
सरकार ने फिल्टर और ग्रीस कंट्रोल के मानकों को पहले से अधिक कठोर बनाया है। साथ ही तापरोधी (Heat Resistant) सामग्री का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। ओवरहीटिंग रोकने के लिए नई सुरक्षा सीमाएं तय की गई हैं। ग्रीस जमा होने से आग लगने के खतरे को कम करने के लिए चिमनी के डिजाइन में भी बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा वायरिंग, मोटर, फैन और बिजली लीकेज रोकने के लिए गुणवत्ता संबंधी नियमों को भी मजबूत किया गया है।

करीब 50 लाख कमर्शियल किचन होंगे प्रभावित
इन नए मानकों का असर देशभर के लगभग 50 लाख कमर्शियल किचनों पर पड़ेगा। फिलहाल यह नियम होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, पेंट्री, बड़े क्लाउड किचन, ढाबों और अस्पतालों के बड़े किचनों पर लागू होंगे।

उपभोक्ताओं और पर्यावरण दोनों को मिलेगा लाभ
सरकार का मानना है कि नए सुरक्षा मानकों से आग और बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके अलावा किचन की हवा अधिक स्वच्छ रहेगी, जिससे कर्मचारियों की सेहत बेहतर होगी। बेहतर गुणवत्ता वाले उपकरण अधिक समय तक चलेंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

घरेलू किचन के लिए भी जल्द आ सकते हैं नए नियम
सरकार भविष्य में घरेलू गैस किचनों के लिए भी इसी तरह के सुरक्षा मानक लागू करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत घरेलू चिमनी और अन्य उपकरणों की सुरक्षा आवश्यकताओं को भी पहले से अधिक सख्त बनाया जा सकता है।

देश में कमर्शियल किचनों का बड़ा नेटवर्क
देश में 25 लाख से अधिक पंजीकृत रेस्टोरेंट, 12 हजार से ज्यादा संगठित फूड चेन रेस्टोरेंट, एक लाख से अधिक क्लाउड किचन, 10 हजार से अधिक फूड कोर्ट तथा करीब तीन लाख होटल किचन संचालित हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्थानों में बड़ी संख्या में कैफेटेरिया और कैंटीन भी संचालित हो रही हैं, जिन पर इन नए मानकों का असर पड़ेगा।


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Content Editor

Purnima Singh

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