Rain Alert: अभी और पड़ेगी हाड़ कंपा देने वाली ठंड, 8 राज्यों में बारिश का अलर्ट, 17 राज्यों में चलेगी भीषण शीत लहर
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 09:53 AM (IST)
नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली में ठंड ने इस सीजन के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिसने दिल्लीवालों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। हालांकि अधिकतम तापमान 21 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन 2023 की 1.4 डिग्री वाली कड़ाके की ठंड की यादें ताजा हो गई हैं।
कोहरा और शीत लहर: पिछले दो दिनों से दिल्ली में सूखी ठंड का प्रकोप है। घने कोहरे की चादर और शीतलहर के डबल अटैक ने विजिबिलिटी और राहत दोनों छीन ली है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 20 जनवरी तक दिल्ली को कोहरे और बादलों से छुटकारा मिलने की उम्मीद कम है।
दिल्ली में बीते दिन न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने इस सर्दी को अब तक की सबसे कड़ाके की ठंड में शामिल कर दिया. इससे पहले साल 2023 में जनवरी के दौरान न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री तक पहुंचा था. बीते कुछ दिनों से राजधानी में घना कोहरा कम जरूर हुआ है, लेकिन शीतलहर के कारण सूखी ठंड ज्यादा चुभ रही है. अधिकतम तापमान भी गिरकर 21 डिग्री के आसपास बना हुआ है.
मौसम विभाग के मुताबिक 15 जनवरी से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 20 जनवरी तक आसमान में बादलों की आवाजाही और सुबह-शाम घनी धुंध बने रहने की संभावना है। इस बार सर्दी सामान्य से ज्यादा असरदार साबित हो रही है।
Daily Weather Briefing English (13.01.2026)
— India Meteorological Department (@Indiametdept) January 13, 2026
Cold wave to Severe Cold wave conditions very likely over Himachal Pradesh, Punjab, Haryana, Delhi, Rajasthan, Jharkhand and Odisha for next 2-3 days.
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देश भर में मौसम की मौजूदा स्थिति
IMD के अनुसार इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. मन्नार की खाड़ी और आसपास के इलाकों में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में मौजूद है. उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी एक अलग सर्कुलेशन सक्रिय है.
इसके अलावा उत्तर भारत के ऊपर करीब 100 समुद्री मील प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिमी जेट स्ट्रीम बह रही है। इन्हीं परिस्थितियों के बीच 15 जनवरी 2026 की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश करने वाला है, जो मौसम में बड़ा बदलाव ला सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर: कहां होगी बारिश और बर्फबारी?
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 16 से 19 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 जनवरी को कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु, केरल और माहे के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
धुंध और शीतलहर का अलर्ट इन राज्यों में
IMD ने चेतावनी दी है कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में 15 जनवरी तक सुबह के समय घना से बेहद घना कोहरा छाया रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में यह स्थिति 20 जनवरी तक बनी रह सकती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 19 जनवरी तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 20 जनवरी के बीच सुबह के वक्त घना कोहरा परेशान कर सकता है। 15 और 16 जनवरी को भी कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है।
जम्मू डिवीजन और हिमाचल प्रदेश में 16 जनवरी तक, उत्तराखंड में 18 जनवरी तक, बिहार में 17 जनवरी तक, ओडिशा में 16 जनवरी तक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 और 18 जनवरी को, जबकि गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 17 और 18 जनवरी को घना कोहरा छा सकता है. असम और मेघालय में भी 15 और 16 जनवरी की सुबह धुंध का असर रहेगा।
शीतलहर से भीषण शीतलहर तक की चेतावनी
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ इलाकों में 15 और 16 जनवरी को शीतलहर से लेकर भीषण शीतलहर चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी 16 जनवरी तक कड़ाके की ठंड लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
