10 मिनट में डिलीवरी का सच: Zepto और Blinkit के डार्क स्टोर में मिले एक्सपायरी सामान, 100 किलो पैकेट नष्ट किए गए
punjabkesari.in Friday, Sep 11, 2026 - 08:07 AM (IST)
जयपुर: 10 मिनट में घर तक राशन और खाने-पीने का सामान पहुंचाने का दावा करने वाली ऐप-आधारित कंपनियों- Blinkit और Zepto की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
राजस्थान के जयपुर में फ़ूड सेफ़्टी टीमों ने ब्लिंकइट और ज़ेप्टो के डार्क स्टोर की जांच की और वहां एक्सपायर हो चुके और गलत तरीके से रखे गए खाने-पीने के सामान पाए। इस कार्रवाई के तहत एक्सपायर हो चुके सामान को मौके पर ही नष्ट किया गया, सैंपल लिए गए और साफ़-सफ़ाई व स्टोरेज से जुड़ी कमियों को ठीक करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद अधिकारियों ने हज़ारों डेयरी पैकेट नष्ट कर दिए और लैब टेस्टिंग के लिए सैंपल लिए। ये छापेमारी फ़ूड सेफ़्टी डिपार्टमेंट की एक सेंट्रल टीम ने कंपनियों के डार्क स्टोर पर की, जो तेज़ी से होम डिलीवरी के लिए हब का काम करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान डेयरी प्रोडक्ट के लगभग 2,350 पैकेट और बड़ी मात्रा में खराब फ़ूड आइटम मौके पर ही नष्ट कर दिए गए।
जगतपुरा में zepto के डार्क स्टोर पर, इंस्पेक्टरों को दूध, दही और छाछ के लगभग 1,550 पैकेट मिले, जिन्हें तय तापमान पर नहीं रखा गया था। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डेयरी प्रोडक्ट को तय तापमान सीमा के भीतर रखना ज़रूरी है, लेकिन उस जगह पर रेफ्रिजरेशन यूनिट 6 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच चल रही थीं।
नतीजतन, सारस और अमूल डेयरी प्रोडक्ट के लगभग 1,550 पैकेट नष्ट कर दिए गए। इंस्पेक्टरों को 7 किलो एक्सपायर्ड फ़ूड आइटम भी मिले, जिनमें म्यूसली, कैंडी और भुजिया शामिल थे। इसके अलावा, लगभग 100 किलो खराब फ़ूड प्रोडक्ट, जिन पर "बिक्री के लिए नहीं" लिखा था, हटाकर नष्ट कर दिए गए।
इंस्पेक्शन टीम ने डार्क स्टोर और कोल्ड रूम एरिया के आसपास पान मसाला और ज़र्दा थूकने के निशान भी देखे। अधिकारियों ने स्टोर मैनेजमेंट को तुरंत साफ़-सफ़ाई और स्टोरेज के तरीकों में सुधार करने का निर्देश दिया। स्टोर मैनेजर की मौजूदगी में पीनट बटर और शहद के सैंपल लिए गए और टेस्टिंग के लिए सेंट्रल लैब भेजे गए।
अधिकारियों के अनुसार, जगतपुरा की इस जगह से हर दिन लगभग 500 डिलीवरी होती हैं। बाद में टीम ने आदर्श नगर में ब्लिंकइट के एक 'डार्क स्टोर' (सिर्फ़ डिलीवरी के लिए बने स्टोर) का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें डेयरी उत्पादों के लगभग 800 पैकेट और साथ ही बड़ी मात्रा में खराब और एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थ मिले।
अधिकारियों ने बताया कि इस जगह पर सबसे चिंताजनक बात कोल्ड स्टोरेज यूनिट के अंदर का तापमान था, जो लगभग 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। डेयरी और जल्दी खराब होने वाले अन्य उत्पादों को खाने के लिए सुरक्षित रखने के लिए बहुत कम तापमान पर स्टोर करने की ज़रूरत होती है।
जांच के दौरान, अधिकारियों को खराब या एक्सपायर हो चुके स्टॉक मिले, जिनमें अमूल बटर के 24 पैकेट, बॉम्बे बंटा जूस की 60 बोतलें, कम फैट वाले दूध के 11 पाउच, ट्रॉपिकाना जूस, गाय का घी और लगभग 1,400 मिलीलीटर अमूल टोन्ड मिल्क शामिल थे। ऐसे सभी उत्पादों को वहीं नष्ट कर दिया गया।
विभाग ने प्रयोगशाला में जांच के लिए ब्लिंकइट स्टोर से दूध, फूड-ग्रेड घी और पेपर बोट कार्बोनेटेड पानी के सैंपल भी लिए। अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट से उत्पादों की गुणवत्ता के बारे में और स्पष्टता मिलेगी।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि रामनगरिया एक्सटेंशन में M/s JDS मार्केटिंग द्वारा संचालित एक गोदाम के निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने पाया कि कोल्ड रूम और डीप फ्रीज़र में डेयरी उत्पादों को सुरक्षित रूप से स्टोर करने के लिए तय तापमान मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था।
