राहुल गांधी ने छात्रों के साथ आजमाई कलारीपयट्टू, मार्शल आर्ट स्टेप्स करते वीडियो हुआ वायरल
punjabkesari.in Friday, Mar 06, 2026 - 08:01 PM (IST)
नेशनल डेस्क: केरल के इडुक्की जिले में स्थित मैरियन कॉलेज कुट्टिक्कानम में उस समय अलग ही माहौल बन गया, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी छात्रों के बीच पहुंचे। कॉलेज परिसर में उन्होंने केरल की पारंपरिक मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू की कुछ बुनियादी तकनीकों को आजमाया और छात्रों के साथ फ्लोर पर अभ्यास भी किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक ‘वंदनम’ यानी अभिवादन की प्रक्रिया भी की, जिसमें अभ्यास स्थल, गुरु और देवता को सम्मान दिया जाता है। राहुल गांधी के इस अंदाज ने वहां मौजूद छात्रों को उत्साहित कर दिया और कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
राहुल गांधी का मार्शल आर्ट्स से पुराना जुड़ाव रहा है। उन्हें जापान की प्रसिद्ध मार्शल आर्ट आइकिडो में ब्लैक बेल्ट हासिल है। इसके अलावा वे ब्राजीलियन जिउ-जित्सु का भी अभ्यास कर चुके हैं। इस खेल में ग्राउंड फाइटिंग, रोल्स और प्रतिद्वंद्वी की ताकत को बिना हिंसा के दिशा बदलने जैसी तकनीकें शामिल होती हैं। इससे पहले भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी राहुल गांधी ने कैंप साइट पर युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को जिउ-जित्सु के कुछ बेसिक मूव्स सिखाए थे और इसे अहिंसक सोच से जोड़कर समझाया था।
LoP Shri @RahulGandhi shares a lively moment with students at the Marian College as he tries the ancient martial art, Kalari.
— Congress (@INCIndia) March 6, 2026
Kalari is one of the world's oldest martial arts, originating in Kerala. It combines intense physical training, flexibility, weapon skills, and… pic.twitter.com/gYcvcjVv4T
कलारीपयट्टू को दुनिया की सबसे प्राचीन मार्शल आर्ट्स में से एक माना जाता है और इसकी जड़ें केरल की सांस्कृतिक परंपराओं में गहराई से जुड़ी हैं। इस कला में शरीर की मजबूती, लचीलापन, हथियारों के साथ अभ्यास और बिना हथियार की लड़ाई जैसे कई पहलू शामिल होते हैं। इसकी गतियां कई बार नृत्य जैसी प्रतीत होती हैं, जिनमें तेज छलांग, घूमना और संतुलन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ब्रिटिश शासन के समय इस परंपरा को काफी झटका लगा था, लेकिन बाद में इसे फिर से सांस्कृतिक विरासत के रूप में पुनर्जीवित किया गया। राहुल गांधी ने इस कला की तारीफ करते हुए इसे कई मार्शल आर्ट्स की जननी बताया और अपनी लचीलापन क्षमता को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में मजाक भी किया।
मार्शल आर्ट की इस गतिविधि के बाद राहुल गांधी ने कॉलेज के छात्रों के साथ लंबा संवाद भी किया। बातचीत के दौरान फिल्म उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई। एक छात्र के सवाल पर उन्होंने फिल्म ‘केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड’ का जिक्र करते हुए कहा कि यदि कोई फिल्म समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करती है तो लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आती है। उनका कहना था कि देश के अधिकांश लोग केरल की परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता को समझते हैं और उनका सम्मान करते हैं।
छात्रों के साथ बातचीत में राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव और उच्च शिक्षा के भविष्य पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं से कहा कि आने वाले समय में नई तकनीकें शिक्षा और रोजगार दोनों को प्रभावित करेंगी, इसलिए छात्रों को बदलाव के लिए तैयार रहना होगा।
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी चर्चा हुई। राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि यह सिर्फ कुछ देशों के बीच का संघर्ष नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी वैश्विक ताकतों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा भी दिखाई देती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
कॉलेज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के साथ कांग्रेस नेता और सांसद के.सी. वेणुगोपाल तथा डीन कुरियाकोसे भी मौजूद रहे। छात्रों के साथ यह संवाद काफी उत्साहपूर्ण रहा और इसमें केरल की संस्कृति, शिक्षा और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर चर्चा देखने को मिली।
