क्रिप्टो पर राघव चड्ढा का बड़ा वार: सरकार टैक्स ले रही है, लेकिन सुरक्षा नहीं दे रही!
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 05:41 PM (IST)
नेशनल डेस्क: आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में क्रिप्टोकरेंसी (VDA) को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है। चड्ढा ने तर्क दिया कि भारत में क्रिप्टो के प्रति सरकार का व्यवहार उल्टा है। सरकार निवेशकों से भारी टैक्स तो वसूल रही है, लेकिन उन्हें कोई कानूनी सुरक्षा या स्पष्ट रेगुलेशन नहीं दे रही है।
निवेशकों और स्टार्टअप्स का देश से पलायन
सांसद ने सदन में चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि स्पष्ट नियमों की कमी के कारण भारत की डिजिटल इकोनॉमी को भारी नुकसान हो रहा है। उनके अनुसार लगभग ₹4.8 लाख करोड़ का ट्रेडिंग वॉल्यूम भारतीय एक्सचेंजों से विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर चला गया है। 180 से ज्यादा भारतीय क्रिप्टो स्टार्टअप्स अब दुबई और सिंगापुर जैसे देशों में शिफ्ट हो चुके हैं। करीब 12 करोड़ भारतीय अब घरेलू के बजाय विदेशी एक्सचेंजों का उपयोग कर रहे हैं।
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Legalise Virtual Digital Assets (like Crypto, Stablecoin) in India. Don’t drive them offshore.
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) February 10, 2026
India taxes VDAs (virtual digital asset) like they are legal. But regulate it like they are illegal.
India taxes cryptocurrency at 30% Capital Gain Tax + 1% TDS; yet offers no legal… pic.twitter.com/Y1JXJLBW85
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30% टैक्स पर सवाल
राघव चड्ढा ने कहा कि सरकार 30% कैपिटल गेन टैक्स और 1% TDS तो वसूल रही है, लेकिन निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए कोई 'इन्वेस्टर प्रोटेक्शन' या समर्पित 'एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग' (AML) ढांचा नहीं है। उन्होंने इसे अंधेरे में रखने वाली नीति करार दिया।
चड्ढा ने सरकार के सामने रखीं तीन प्रमुख मांगें
1. एसेट क्लास का दर्जा: VDAs को एक स्पष्ट 'एसेट क्लास' घोषित किया जाए।
2. रेगुलेटरी सैंडबॉक्स: स्टार्टअप्स के लिए देश में ही काम करने हेतु एक सुरक्षित कानूनी ढांचा बनाया जाए।
3. राजस्व में वृद्धि: यदि इसे सही से रेगुलेट किया जाए, तो सरकार को सालाना 15,000 से 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स राजस्व मिल सकता है।
