पुणे में पुनीत बालन की DJ-फ्री दहीहांडी का बोलबाला, हजारों की भीड़ ने देखा उत्सव
punjabkesari.in Saturday, Sep 05, 2026 - 11:57 PM (IST)
पुणे के लाल महल चौक में पुनीत बालन ग्रुप की DJ-फ्री दहीहांडी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। बड़े पैमाने पर आयोजित इस कार्यक्रम में 31 प्रमुख गणेश मंडलों की भागीदारी रही और हजारों दर्शक गोविंदाओं के प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने पहुंचे।
शिवतेज गोविंदा पथक ने आयोजन का सबसे यादगार क्षण पेश किया। पथक ने सात-स्तरीय मानव पिरामिड तैयार कर दहीहांडी तोड़ी। सफल प्रयास के बाद टीम को 1.11 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। गोविंदाओं के इस प्रदर्शन के दौरान दर्शकों ने जोरदार उत्साह दिखाया।
कार्यक्रम में DJ को शामिल नहीं किया गया था। इसके बजाय पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लाइव प्रस्तुतियों के जरिए उत्सव का माहौल तैयार किया गया। ढोल-ताशा और हलगी की ताल ने लाल महल के आसपास के क्षेत्र को जीवंत कर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत प्रभात बैंड से हुई। इसके बाद ढोल-ताशा पथकों, पखावज, शिववाद्य और हलगी कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के जरिए महाराष्ट्र की लोक और संगीत परंपराओं को मंच मिला। महिला कलाकारों की लेझीम प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। मर्दानी खेल के प्रदर्शन ने पारंपरिक युद्धकला को दर्शकों के सामने रखा। वारकरी परंपरा से जुड़े कार्यक्रमों ने आयोजन में भक्ति और लोकसंस्कृति का पक्ष मजबूत किया।
आयोजन में शामिल 31 मंडलों की वजह से कार्यक्रम का स्वरूप सामूहिक रहा। अलग-अलग समूहों के गोविंदाओं ने एक साझा मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दर्शकों के लिए भी यह केवल हांडी फोड़ने का कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि संगीत, नृत्य, खेल और परंपरा से जुड़ा एक व्यापक उत्सव बन गया।
पुनीत बालन ने कहा कि दहीहांडी और गणेशोत्सव जैसे पर्व महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े हैं। उन्होंने DJ-मुक्त आयोजन को मिले उत्साह को सकारात्मक बताते हुए कहा कि पारंपरिक माध्यमों के जरिए भी बड़े उत्सवों को आकर्षक बनाया जा सकता है।
आयोजकों ने बताया कि 200 से अधिक गणेशोत्सव मंडलों ने DJ से दूरी बनाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य उत्सवों में पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों को अधिक महत्व देना है। लाल महल में उमड़ी भीड़ और गोविंदा पथक के सात-स्तरीय प्रदर्शन ने आयोजन को खास बनाया। DJ के बजाय पारंपरिक धुनों के सहारे आयोजित इस दहीहांडी ने पुणे में उत्सव मनाने के एक अलग मॉडल को सामने रखा।
