‘राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है’ अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार बोले नितिन नबीन
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 04:57 PM (IST)
नेशनल डेस्क: BJP के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में राजनीति की नई परिभाषा पेश की। कार्यकर्ताओं और युवाओं को संबोधित करते हुए नबीन ने स्पष्ट किया कि बीजेपी के लिए राजनीति केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा की एक 'साधना' है।
सत्ता भोग नहीं, तपस्या है राजनीति
नितिन नबीन ने पार्टी की विचारधारा को रेखांकित करते हुए कहा, "हम एक ऐसे दल के सिपाही हैं जहां राजनीति भोग-विलास या ऐशो-आराम के लिए नहीं, बल्कि त्याग और तपस्या के लिए की जाती है। हमारे लिए कोई भी पद केवल एक ओहदा नहीं, बल्कि देश के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी (उत्तरदायित्व) है।"
