परिसीमन पर नहीं थम रहा सियासी घमासान, CM विजय की सांसदों के साथ बैठक; DMK-AIADMK ने किया बहिष्कार
punjabkesari.in Saturday, Aug 08, 2026 - 07:16 PM (IST)
चेन्नई: लोकसभा सीटों के संभावित परिसीमन को लेकर तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को चेन्नई के चेपॉक स्थित कलईवानार अरंगम में राज्य के सांसदों के साथ बैठक की। बैठक का मुख्य एजेंडा प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया और उसके तमिलनाडु के संसदीय प्रतिनिधित्व पर संभावित असर पर चर्चा करना रहा। बैठक में TVK और उसके सहयोगी दलों से जुड़े सांसद शामिल हुए। हालांकि, राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टियों DMK और AIADMK ने बैठक से दूरी बनाए रखी। PMK की ओर से भी बैठक के बहिष्कार की बात सामने आई है। इस बहिष्कार ने परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर तमिलनाडु में राजनीतिक मतभेद को और उजागर कर दिया है।
तमिलनाडु की 39 सीटों पर सबसे बड़ा सवाल
परिसीमन को लेकर तमिलनाडु की सबसे बड़ी चिंता लोकसभा में राज्य के मौजूदा प्रतिनिधित्व को लेकर है। राज्य में लंबे समय से यह आशंका जताई जाती रही है कि जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्निर्धारण से उन राज्यों को अधिक सीटें मिल सकती हैं, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि दक्षिणी राज्यों की मौजूदा हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है। बैठक में इसी मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई। कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर ने कहा कि तमिलनाडु की मौजूदा 39 लोकसभा सीटों को कम नहीं किया जाना चाहिए और 543 की मौजूदा संख्या में बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने महिला आरक्षण को लागू करने की मांग भी दोहराई, लेकिन इसे परिसीमन के मुद्दे से अलग रखने पर जोर दिया।
WATCH | Chennai | On DMK and AIADMK boycotting Tamil Nadu CM meeting on delimitation, Tamil Nadu Congress Committee President and Congress MP Manickam Tagore says, "This is very unfortunate that they had boycotted. For the first time, the Tamil Nadu CM has called a meeting with… https://t.co/NFDTHv86mC pic.twitter.com/4vPec8d7Mt
— ANI (@ANI) August 8, 2026
DMK बोली- ‘राजनीतिक ड्रामा’
TVK सरकार की ओर से बुलाई गई बैठक को लेकर DMK ने कड़ा रुख अपनाया। DMK संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने बैठक को ‘ड्रामा’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसका मकसद राज्य में चल रहे अन्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाना है। DMK का बैठक में शामिल नहीं होना इस पूरे मुद्दे को और राजनीतिक बना रहा है। पार्टी का तर्क है कि परिसीमन पर तमिलनाडु का रुख पहले से स्पष्ट है और इस मुद्दे पर राज्य के हितों की रक्षा के लिए अलग-अलग स्तरों पर राजनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। AIADMK ने भी बैठक का बहिष्कार किया। ऐसे में मुख्यमंत्री विजय की ओर से बुलाई गई बैठक में राज्य की प्रमुख राजनीतिक शक्तियों की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
परिसीमन पर सियासत अभी थमने वाली नहीं
मुख्यमंत्री विजय की बैठक ने परिसीमन के मुद्दे को एक बार फिर तमिलनाडु की राजनीति के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ TVK राज्य के सांसदों को साथ लेकर साझा रणनीति बनाने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ DMK और AIADMK जैसे प्रमुख दलों ने बैठक से दूरी बनाकर साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाना आसान नहीं होगा। अब नजर इस बात पर है कि केंद्र की प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और तमिलनाडु समेत दक्षिणी राज्यों की चिंताओं को किस तरह रखा जाता है।
