बीवी की बजाय भाभी की बातों को पति देता था ज्यादा तवज्जो, फिर एक दिन नाराज़ होकर मायके चली गई पत्नी, जिसके बाद...
punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 03:04 PM (IST)
Marital Dispute Resolution : रिश्तों में कड़वाहट और छोटी-छोटी गलतफहमियों के बीच शाहजहांपुर पुलिस ने एक बार फिर मसीहा की भूमिका निभाई है। रिजर्व पुलिस लाइन स्थित परिवार परामर्श केंद्र में शनिवार को आयोजित सुनवाई के दौरान दो ऐसे जोड़ों की सुलह कराई गई जिनके घर टूटने की कगार पर थे। इनमें से एक मामला तो महज 'भाभी की बात ज्यादा सुनने' को लेकर बिगड़ा था।
केस 1: पति की भाभी भक्ति पड़ी भारी
कांट थाना क्षेत्र के एक दंपती की शादी को अभी महज एक साल ही बीता था कि घर में क्लेश शुरू हो गया। पत्नी का आरोप था कि उसका पति घर के फैसलों में उसकी बात सुनने के बजाय अपनी भाभी की बातों को ज्यादा तवज्जो देता है। इसी बात से नाराज होकर शादी के 5 महीने बाद ही पत्नी अपने मायके जाकर रहने लगी।
कैसे हुई सुलह
परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाया। पति को समझाया गया कि वैवाहिक जीवन में आपसी विश्वास और पत्नी के सम्मान का क्या महत्व है। काउंसलिंग के बाद पति ने अपनी गलती मानी और दोनों फिर से साथ रहने को तैयार हो गए।
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केस 2: शक की दीवार ने पैदा की थी दूरी
दूसरा मामला सिंधौली थाना क्षेत्र का है जहां शादी के 8 महीने बाद ही रिश्ते में दरार आ गई थी। पत्नी ने शिकायत की थी कि उसका पति दूसरों की बातों में आकर उस पर बेवजह शक करता है। काउंसलरों ने पति को बताया कि बाहरी लोगों की बातों में आकर अपना घर उजाड़ना समझदारी नहीं है। लंबी बातचीत के बाद पति-पत्नी ने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे का हाथ थाम लिया।
पुलिस टीम की सराहना
इस नेक काम को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र मधु यादव, महिला आरक्षी चंद्रकांता, मोनिका कुमारी और कांस्टेबल साकेत कुमार शामिल रहे। शनिवार को कुल पांच पत्रावलियों (Files) पर सुनवाई हुई जिनमें से दो का सफल निस्तारण कर दिया गया जबकि बाकी के लिए अगली तारीख तय की गई है।
