''दुनिया के टॉप-3 AI देशों में होगा भारत'', Mission 2047 को लेकर PM मोदी बोले
punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 06:35 PM (IST)
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक खास इंटरव्यू में भारत के AI विजन को साफ करते हुए कहा कि भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता बनेगा। उन्होंने 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' के मुख्य मंत्र "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" (सबका कल्याण, सबकी खुशी) पर जोर दिया, जो भारत के मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। पीएम ने कहा कि 'विकसित भारत 2047' की यात्रा में AI एक क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है। आइए जानते हैं एक नजर डालते हैं पीएम के खास इंटरव्यू के अंशों पर-
AI समिट की मुख्य बातें:
1. 'ग्लोबल साउथ' के लिए मिसाल: यह शिखर सम्मेलन 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) में अपनी तरह का पहला आयोजन है, जहाँ दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों और तकनीकी दिग्गजों ने हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने कहा कि AI का लक्ष्य सिर्फ नवाचार नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग तक इसके लाभ पहुँचाना होना चाहिए।
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"India should be among the top three AI superpowers globally": PM Modi sets 2047 vision
— ANI Digital (@ani_digital) February 17, 2026
FULL TRANSCRIPT of Prime Minister Narendra Modi's interview to @ANI l https://t.co/cGA3yljgLV pic.twitter.com/2UQM6qjIq3
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2. स्वास्थ्य से लेकर खेती तक AI का असर: पीएम ने बताया कि 'विकसित भारत 2047' की यात्रा में AI एक क्रांतिकारी भूमिका निभा रहा है:
- हेल्थकेयर: बीमारियों की शुरुआती पहचान में AI की मदद ली जा रही है।
- शिक्षा: भारतीय भाषाओं में व्यक्तिगत लर्निंग प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं।
- कृषि: महिला डेयरी किसानों को AI के जरिए सटीक सलाह दी जा रही है।
3. डेटा और विविधता की चुनौती: भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हमारे एआई सिस्टम 140 करोड़ लोगों के लिए काम करते हैं। हम क्षेत्रीय भाषाओं और विविध डेटा सेट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं ताकि भेदभाव को खत्म किया जा सके।
4. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और सुरक्षा: Aadhaar और UPI की सफलता का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि अब DPI और AI का मेल गवर्नेंस और पारदर्शिता को अगले स्तर पर ले जाएगा। साथ ही उन्होंने 'इंडियाएआई सेफ्टी इंस्टीट्यूट' और Deepfake रोकने के लिए वाटरमार्किंग जैसे नियमों का भी उल्लेख किया।
5. नौकरियों पर पीएम का भरोसा: रोजगार को लेकर डर पर पीएम ने कहा, "तैयारी ही डर का सबसे बड़ा इलाज है।" उन्होंने बताया कि सरकार बड़े स्तर पर कौशल विकास कार्यक्रम चला रही है। AI काम को खत्म नहीं करेगा, बल्कि क्षमताओं को बढ़ाएगा और नए प्रकार के रोजगार पैदा करेगा।
