दिल्ली में सजेगा दुनिया का सबसे बड़ा ''AI महाकुंभ'': 100 से अधिक देश होंगे शामिल, पाकिस्तान को किया आउट

punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 05:09 PM (IST)

AI Impact Summit 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में भारत अपनी धाक जमाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। सोमवार यानि की 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में ऐतिहासिक 'AI-Impact Summit' का आयोजन होगा। इस सम्मेलन में दुनिया भर के 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, लेकिन चर्चा का विषय यह है कि भारत ने अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान को इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच से बाहर रखा है।

तीन 'सूत्रों' पर आधारित है यह समिट

यह ग्लोबल समिट Global South में आयोजित होने वाला अपनी तरह का पहला बड़ा आयोजन है। इसकी थीम तीन मूलभूत सूत्रों पर आधारित है:

  • People (लोग): AI को आम लोगों के जीवन के लिए सुलभ बनाना।

  • Planet (पृथ्वी): पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन में तकनीक का उपयोग।

  • Progress (प्रगति): आर्थिक और सामाजिक विकास की नई ऊंचाइयों को छूना।

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इन दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत निमंत्रण पर दुनिया के 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और 45 देशों के मंत्री इस समिट का हिस्सा बनेंगे। तकनीक की दुनिया के 'दिग्गज' जैसे सुंदर पिचाई (Google), सैम ऑल्टमैन (OpenAI), जेन्सेन हुआंग (Nvidia) और एलन मस्क जैसे नामों के शामिल होने की संभावना है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

पाकिस्तान को क्यों नहीं मिला निमंत्रण?

समिट के लिए आमंत्रित देशों का चयन भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं और 'जिम्मेदार AI' के दृष्टिकोण के आधार पर किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, भारत का फोकस उन देशों के साथ तालमेल बिठाना है जो AI के सुरक्षित, एथिकल और मानव-केंद्रित विकास के साझा विजन को साझा करते हैं। आधिकारिक तौर पर पाकिस्तान को न बुलाने का कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन इसे भारत की Strategic Diplomacy के रूप में देखा जा रहा है।

भविष्य की नीतियां और स्टार्टअप शोकेस

यह पांच दिवसीय कार्यक्रम केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें 'AI by HER' (महिला नवाचार) और 'YUVAi' (युवाओं के लिए एआई) जैसे फ्लैगशिप कार्यक्रम भी होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वैश्विक एआई मानक (Global Standards) तय करना और स्वास्थ्य, कृषि व शिक्षा जैसे क्षेत्रों में एआई के व्यावहारिक समाधान ढूंढना है।

 


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News Editor

Radhika

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