PM मोदी ने जुए पर लगाई लगाम...ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा, जानें क्या है नया गेमिंग कानून
punjabkesari.in Sunday, Aug 24, 2025 - 05:23 PM (IST)

नेशनल डेस्क: भारत में ऑनलाइन गेमिंग को लेकर अब एक नया कानून बन गया है। लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद, ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिल गई है। यह कानून ऑनलाइन मनी गेम्स पर लगाम लगाएगा और ई-स्पोर्ट्स जैसे गेम्स को बढ़ावा देगा।
क्यों बना यह कानून?
यह कानून सिर्फ बढ़ते बाज़ार को देखते हुए नहीं बनाया गया, बल्कि इसके पीछे कई परिवारों की दर्द भरी कहानियाँ भी हैं। ऑनलाइन जुए के खेल में लोग अपनी जमा-पूँजी गँवा रहे थे, जिसके कारण कई आत्महत्याएँ भी हुईं।
सरकारी आँकड़े चौंकाने वाले हैं:
➤ हर साल 45 करोड़ भारतीय ऑनलाइन मनी गेम्स में लगभग ₹20,000 करोड़ गँवा देते हैं।
➤ सिर्फ कर्नाटक में पिछले तीन सालों में गेमिंग के कर्ज़ से जुड़ी 18 आत्महत्याएँ हुई हैं।
➤ राजस्थान में एक शख्स ने कर्ज़ के कारण अपनी दादी की हत्या कर दी थी।
गेमिंग का दूसरा पहलू भी है
इस कानून से गेमिंग इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे सही दिशा दी जाएगी। सरकार ने ई-स्पोर्ट्स जैसे गेम्स को बढ़ावा देने का फैसला किया है, जिससे देश में रोज़गार और मेडल जीतने के अवसर बढ़ेंगे।
आँकड़े बताते हैं कि यह इंडस्ट्री कितनी बड़ी है:
➤ 48.8 करोड़ भारतीय अभी ऑनलाइन गेम खेलते हैं।
➤ यह इंडस्ट्री 1.5 लाख लोगों को सीधे तौर पर रोज़गार दे रही है, और 2030 तक यह संख्या दोगुनी हो सकती है।
➤ 40% गेमर्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से आते हैं, जिससे छोटे शहरों में भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
पीएम मोदी की दिलचस्पी
इस कानून को बनाने से पहले, पीएम मोदी ने खुद गेमर्स से मुलाकात की थी। उन्होंने खुद को 'नौसिखिया' कहा था, लेकिन इस मुलाकात से यह संदेश गया कि सरकार इस इंडस्ट्री को लेकर कितनी गंभीर है। कानून बनाने के लिए वित्त, खेल और आईटी मंत्रालयों के साथ-साथ कई विशेषज्ञों, अभिभावकों और गेमिंग इंडस्ट्री से भी सुझाव लिए गए हैं। यह कानून जुए वाले गेम्स और ई-स्पोर्ट्स के बीच एक साफ़ लाइन खींचता है। यह उन लोगों के लिए एक राहत है जिन्होंने इन गेम्स में सब कुछ खो दिया था, और उन लोगों के लिए एक मौका है जो गेमिंग को एक करियर के रूप में देखते हैं।